Garam Masala - Hindi

भारत में मसालों का संक्षिप्त इतिहास (Brief History of Spices) Spices

भारत ने मसालों के औषधीय गुणों को सदियों पहले ही पहचान लिया था। आदिकाल से ही भारतीय मसालों का प्रयोग अन्य सांस्कृतिक परंपराओं, जादू-टोना ,खाद्य-संरक्षण,आयुर्वेद चिकित्सा में शुरू हो गया था, यहाँतक कि, लौंग का प्रतिष्ठित पवित्र रामायण में उल्लेख मिलता है।

मसालों की इतिहासिक प्रसिद्धता के कारण ही हिंदुस्तान ने विश्व को अपनी और आकर्षित किया। प्राचीन काल की बात करें तो, पहली शताब्दी (AD) में रोमन साम्राज्य के समय से ऊंटों के कारवां नियमित रूप से कालीकट, गोवा से रोम, एलेक्जेंड्रा आदि जैसे स्थलों में मसालों की आपूर्ति के लिए आते जाते थे। जबकि, वर्तमान समय में ये मसाले विश्व के किसी भी हिस्से में बहुत आसानी से उपलब्ध हैं, जबकि प्रचीन समय में लोग भारतीय मसालों को पाने के लिए अपनी जान तक को जोखिम में डालते थे।

क्या होता है गरम मसाला (What is Garam Masala) ? गर्म मसाला एक बहुत ही लोकप्रिय भारतीय मसालों का मिश्रण है। गर्म मसाला दो शब्दों से मिल कर बना एक नाम है जिसमे गर्म शब्द का अर्थ इंग्लिश में हॉट होता है, जिसे प्रायः उच्चतापमान को दर्शाने के लिए प्रयोग किया जाता है, परन्तु गर्म शब्द का अर्थ उत्तेजना या जिज्ञासा जगाने वाला या उत्तेजक के रूप में भी किया जाता है, यहां गर्म मसाले में गरम शब्द का अर्थ जिज्ञासा जगाने से है और मसाला शब्द का सम्बन्ध सुगंधित मसालों के मिश्रण से है।

यद्यपि, व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाले गरम मसाले में मसालों (Spices) का अनुपात हर राज्य या क्षेत्र के अनुसार अलग होता है, यही कारण है जिसकी वजह से हर क्षेत्र के खाने में अलग शैली, स्वाद और पहचान उभर कर सामने आती है। जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और महारष्ट्र से लेकर बंगाल तक गरम मसाले में अन्य मसालों के अनुपात में विविधता उस क्षेत्र के व्यंजनों में एक अलग तरह की क्षेत्रीय सुगंध और स्वाद को दर्शाती है।

कितने प्रकार के होते है मसाले (How many type of Masala) ? भारतीय विभिन्न प्रकार की सब्ज़ियों, स्नैक्स और करी में विभिन्न प्रकार के मसालों का उपयोग करते है। शाही पनीर, दाल मखनी, बटर चिकन, पनीर टिका, कड़ाई पनीर, चिकन टिका, बिरयानी इत्यादि बनाने की अलग-अलग विधियां है, जिनमें खाने के स्वाद और महक को उभारने के लिए अलग - अलग मसालों के अनुपातित मिश्रण को संतुलित रूप से परिवर्तित करके प्रयोग किया जाता है।

खाने के स्वाद के अनुसार कई प्रकार के मसाले प्रयोग किए जाते है जैसे कि किचन किंग (Kitchen King), गरम मसाला (Garam Masala), शाही पनीर मसाला (Shaee Paneer Masala), टिका मसाला (Tikka Masala), बटर पनीर मसाला (Butter Paneer Masala), बिरियानी मसाला (Bariyani Masala) और भिंडी मसाला (Bhindi Masala), सांबर मसाला (Sambar Masala) इत्यादि।

भारत में कुछ मसाले प्रदेशों या क्षेत्रों के नाम पर भी मशहूर है जैसेकि पंजाबी गरम मसाला (Punjabi Garam Masala), कश्मीरी मसाला(Kashmiri Masala), कोल्हपुरी मसाला (Kolahpuri Masala), विपिलाकट्टी केरल से (Veppilakatti, from Kerala),गोडा मसाला, महाराष्ट्र से (Goda Masala from Maharashtra), पोटली मसाला अवध या लखनऊ से (Potli Masala from Awadhi or Lakhnow), भाजा मोशला (Bhaja Moshla from Bengal), कफ्रील मसाला (Cafreal Masala from Goa), नाल्ला करम पोड़ी, आँध्रप्रदेश और कर्नाटका से (Nalla Karam Podi from Andhara and Karnatka), शा-मचल (Sha Machal from Manipuri)

क्या-क्या पड़ता है गरम मसाले में (How to make Garam Masala) ? जैसेकि हम पहले ही बता चुकें है, कि भारत में व्यंजनों और प्रदेशों के अनुसार मसालों की महक और स्वाद निर्धारित होती है परन्तु गरम मसालों में पड़ने वाले अन्य मसाले लगभग वही होते है बस मात्राओं में बदलाव होता है। गर्म मसले को बनाने के लिए साबुत धनिया, लोंग, जीरा, हरी इलाइची, दालचीनी, जेवित्री, सोंफ, सोंठ, काली मिर्च, सुखी लाल मिर्च, पीपली, तेजपत्ता और जायफल इत्यादि का प्रयोग होता है।

Credits: Image: Creative Commons - Photo by Veganamente Rakel S.I - Source Pixabay
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