IPC 268 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 268 - Public nuisance

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 268

लोक न्यूसेन्स-- वह व्यक्ति लोक न्यूसेन्स का दोषी है, जो कोई ऐसा कार्य करता है या किसी ऐसे अवैध लोप का दोषी है, जिससे लोक को या जनसाधारण को जो आसपास में रहते हों या आसपास की सम्पत्ति पर अधिभोग रखते हों, कोई सामान्य क्षति, संकट या क्षोभ कारित हो या जिससे उन व्यक्तियों का जिन्हें किसी लोक अधिकार को उपयोग में लाने का मौका पड़े, क्षति, बाधा, संकट या क्षोभ कारित होना अवश्यंभावी हो ।

कोई सामान्य न्यूसेन्स इस आधार पर माफी योग्य नहीं है कि उससे कुछ सुविधा या भलाई कारित होती है ।

IPC 268 - English

Public nuisance.-- A person is guilty of a public nuisance who does any act or is guilty of an illegal omission which causes any common injury, danger or annoyance to the public or to the people in general who dwell or occupy property in the vicinity, or which must necessarily cause injury, obstruction, danger or annoyance to persons who may have occasion to use any public right.

A common nuisance is not excused on the ground that it causes some convenience or advantage.

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