IPC 267 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 267 - Making or selling false weight or measure

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 267

खोटे बाट या माप का बनाना या बेचना-- जो कोई तोलने के ऐसे किसी उपकरण या बाट को, या लम्बाई या धारिता के ऐसे किसी माप को, जिसका खोटा होना वह जानता है, इसलिए कि उसका खरे की तरह उपयोग किया जाए या यह सम्भाव्य जानते हुए कि उसका खरे की तरह उपयोग किया जाए, बनाएगा, बेचेगा या व्ययनित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
खोटे बाट या माप का बनाना या बेचनाएक वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनोंसंज्ञेय या काग्निज़बलगैर-जमानती
विचारणीय : किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा यह अपराध कंपाउंडबल अपराधों की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है

IPC 267 - English

Making or selling false weight or measure.-- Whoever makes, sells or disposes of any instrument for weighing, or any weight, or any measure of length or capacity which he knows to be false, in order that the same may be used as true, or knowing that the same is likely to be used as true, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to one year, or with fine, or with both.

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Making or selling false weight or measureImprisonment for One years or Fine or BothCognizableNon-Bailable
Triable By: Any Magistrate Offence is NOT listed under Compoundable Offences
Report Disclaimer Applies

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