IPC 260 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 260 - Using as genuine a Government stamp known to be counterfeit

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 260

किसी सरकारी स्टाम्प को, कूटकॄत जानते हुए उसे असली स्टाम्प के रूप में उपयोग में लाना-- जो कोई किसी ऐसे स्टाम्प को, जिसे वह जानता है कि वह सरकार द्वारा राजस्व के प्रयोजन के लिए प्रचालित स्टाम्प की कूटकॄति है, असली स्टाम्प के रूप में उपयोग में लाएगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
किसी सरकारी स्टाम्प को, कूटकॄत जानते हुए उसे असली स्टाम्प के रूप में उपयोग में लानासात वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनोंसंज्ञेय या काग्निज़बलजमानती
विचारणीय : प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा यह अपराध कंपाउंडबल अपराधों की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है

IPC 260 - English

Using as genuine a Government stamp known to be counterfeit.-- Whoever uses as genuine any stamp, knowing it to be a counterfeit of any stamp issued by Government for the purpose of revenue, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, or with fine, or with both.

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Using as genuine a Government stamp known to be counterfeit.Imprisonment for Seven years or Fine or BothCognizableBailable
Triable By: Magistrate First Class Offence is NOT listed under Compoundable Offences
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