IPC 258 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 258 - Sale of counterfeit Government stamp

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 258

कूटकॄत सरकारी स्टाम्प का विक्रय-- जो कोई किसी स्टाम्प को यह जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए बेचेगा या बेचने की प्रस्थापना करेगा कि वह सरकार द्वारा राजस्व के प्रयोजन के लिए प्रचालित किसी स्टाम्प की कूटकॄति है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
कूटकॄत सरकारी स्टाम्प का विक्रयसात वर्ष तक का कारावास और जुर्मानासंज्ञेय या काग्निज़बलगैर-जमानती
विचारणीय : प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा यह अपराध कंपाउंडबल अपराधों की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है

IPC 258 - English

Sale of counterfeit Government stamp.-- Whoever sells, or offers for sale, any stamp which he knows or has reason to believe to be a counterfeit of any stamp issued by Government for the purpose of revenue, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, and shall also be liable to fine.

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Sale of counterfeit Government stampImprisonment for Seven years and FineCognizableNon-Bailable
Triable By: Magistrate First Class Offence is NOT listed under Compoundable Offences
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