IPC 166B in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 166 ख - Punishment for non-treatment of victim

Indian Penal Code - Section 166B ipc

Punishment for non-treatment of victim. [1] --- whoever, being in charge of a hospital, public or private, whether run by the centeral government, the state government, local bodies, or any other person, contravences the provisions of section 357C of the code of criminal procedure, 1973 (2 of 1974), shall be punished with imprisonment for a term which may extend to one year or with fine or with both.

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Punishment for non-treatment of victim.Imprisonment One years and FineNon-cognizableBailable
Triable By: Magistrate First Class Offence is NOT listed under Compoundable Offences

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 166ख

पीड़ित का उपचार न करने के लिए दण्ड [1] --- जो कोई अस्पताल, सार्वजनिक या व्यक्तिगत, चाहे केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय निकाय या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा संचालित हो, का भारसाधक होते हुए दण्ड प्रक्रिया संहिता (1974 का 2) की धारा 357-ग के प्रावधानों का उल्लंघन करेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जाएगा।

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
पीड़ित का उपचार न करने के लिए दण्ड. एक वर्ष तक का कारावास और जुर्माना। असंज्ञेय जमानती
विचारणीय : प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट द्वारा कंपाउंडबल अपराध के सूचि में सूचीबद्ध नहीं है।
1. Inserted by the Criminal Law (Amendment) Act, 2013(w.e.f. 03-02-2013)
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