IPC 91 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 91 - Exclusion of acts which are offences independently of harm cause

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 91

ऐसे कार्यों का अपवर्जन जो कारित अपहानि के बिना भी स्वतः अपराध है-- धारा 87,88 और 89 के अपवादों का विस्तार उन कार्यों पर नहीं है जो उस अपहानि के बिना भी स्वतः अपराध हैं जो उस व्यक्ति को, जो सम्मति देता है या जिसकी ओर से सम्मति दी जाती है, उन कार्यों से कारित हो, या कारित किए जाने का आशय हो, या कारित होने की संभाव्यता ज्ञात हो ।

दृष्टांत:
गर्भपात कराना (जब तक कि वह उस स्त्री का जीवन बचाने के प्रयोजन से सदभावपूर्वक कारित न किया गया हो) किसी अपहानि के बिना भी, जो उससे स्त्री को कारित हो या कारित करने का आशय हो, स्वतः अपराध है। इसलिए वह "ऐसी अपहानि के कारण" अपराध नहीं है ; और ऐसा गर्भपात कराने की उस स्त्री की या उसके संरक्षक की सम्मति उस कार्य को न्यायमुमत नहीं बनाती।

IPC 91 - English

Exclusion of acts which are offences independently of harm cause. -- The exceptions in sections 87, 88 and 89 do not extend to acts which are offences independently of any harm which they may cause, or be intended to cause, or be known to be likely to cause, to the person giving the consent, or on whose behalf the consent is given.

Illustration
Causing miscarriage (unless caused in good faith for the purpose of saving the life of the woman) is offence inexpediently of any harm which it may cause or be intended to cause to the woman. Therefore, it is not an offence "by reason of such harm"; and the consent of the woman or of her guardian to the causing of such miscarriage does not justify the act.

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