CrPC 64 in Hindi - दण्ड प्रक्रिया संहिता धारा 64

Updated By: Help-Line 64

अध्याय 6- दण्ड प्रक्रिया संहिता धारा 64 - जब समन किए गए व्यक्ति न मिल सकें तब तामील---

जहां समन किया गया व्यक्ति सम्यक ततपरता बरतने पर भी न मिल सके वहां समन की तामील दो प्रतियों में से एक को उसके कुटुंब के उसके साथ रहने वाले किसी वयस्क पुरुष सदस्य के पास उस व्यक्ति के लिए छोड़कर की जा सकती है और यदि तामील करने वाले अधिकारी द्वारा ऐसी अपेक्षा की जाती है तो, जिस व्यक्ति के पास समन ऐसे छोड़ा जाता है वह दूसरी प्रति के पृष्ठ भाग पर उसके लिए रसीद हस्ताक्षरित करेगा।

स्पष्टीकरण-- सेवक, इस धारा के अर्थ में कुटुम्ब का सदस्य नहीं है।
__________

Chapter VI - CrPC Section 64 - Service when persons summoned cannot be found.—

Where the person summoned cannot, by the exercise of due diligence be found, the summons may be served by leaving one of the duplicates for him with some adult male member of his family residing with him, and the person with whom the summons is so left shall, if so required by the serving officer, sign a receipt therefor on the back of the other duplicate.

Explanation :- A servant is not a member of the family within the meaning of this section.
____________

कृपया प्रसार करें:

पिछला लेख
अगला लेख
-

अधिक पढ़ें गए

IPC 324 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 324

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 324 खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छया उपहति कारित करना --- उस दशा के सिवाय, जिसके लिए धारा 334 में उपबं...

पूरा पढ़ें

IPC 325 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 325

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 325 स्वेच्छया घोर उपहति कारित करने के लिए दण्ड -- उस दशा के सिवाय, जिसके लिए धारा 335 में उपबंध है, जो कोई स्वे...

पूरा पढ़ें

IPC 323 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 323

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 323 स्वेच्छया उपहति कारित करने के लिए दण्ड --- उस दशा के सिवाय, जिसके लिए धारा 334 में उपबंध है, जो कोई स्वेच्छ...

पूरा पढ़ें

IPC 451 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 451

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 451 कारावास से दंडनीय अपराध को करने के लिए गृह-अतिचार -- जो कोई कारावास से दंडनीय कोई अपराध करने के लिए गॄह-अतिचा...

पूरा पढ़ें

IPC 342 in HIndi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 342

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 342 (Dhara 342) सदोष परिरोध के लिए दण्ड ---   जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध करेगा, वह दोनों में से किसी भांत...

पूरा पढ़ें