IPC 184 in Hind - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 184 - Obstructing sale of property offered for sale by authority of public servant

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 184

लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई संपत्ति के विक्रय में बाधा उपस्थित करना-- जो कोई ऐसी किसी संपत्ति के विक्रय में, जो ऐसे लोक सेवक के नाते किसी लोक सेवक के विधिपूर्ण प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई हो, साशय बाधा डालेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई संपत्ति के विक्रय में बाधा उपस्थित करना। एक मास तक का कारावास या जुर्माना या दोनों।असंज्ञेय या नॉन-काग्निज़बल जमानती
विचारणीय : किसी भी मेजिस्ट्रेट द्वारा कम्पाउंडबल अपराध की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है।

IPC 184 - English

Obstructing sale of property offered for sale by authority of public servant. -- Whoever intentionally obstructs any sale of property offered for sale by the lawful authority of any public servant, as such, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to one month, or with fine which may extend to five hundred rupees, or with both.

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Obstructing sale of property offered for sale by authority of public servant.Imprisonment may extend to One months, or with fine, or with both Non-CognizableBailable
Triable By: Any MagistrateOffence is NOT listed under Compoundable Offences
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