IPC 473 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 473 - Making or possessing counterfeit seal, etc., with intent to commit forgery punishable otherwise

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 473

अन्यथा दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकृत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना-- जो कोई किसी मुद्रा, पट्टी या छाप लगाने के अन्य उपकरण को इस आशय से बनाएगा या उसकी कूटकॄति करेगा, कि उसे कोई ऐसी कूटरचना करने के प्रयोजन के लिए उपयोग में लाया जाए, जो धारा 467 से भिन्न इस अध्याय की किसी धारा के अधीन दण्डनीय है, या इस आशय से किसी ऐसी मुद्रा, पट्टी या अन्य उपकरण को, उसे कूटकॄत जानते हुए अपने कब्जे में रखेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
अन्यथा दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकृत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना। सात वर्ष तक का कारावास और जुर्माना संज्ञेय या काग्निज़बल जमानती
विचारणीय : प्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा कम्पाउंडबल अपराध कि सूचि में सूचिबद्ध नही है।

IPC 473 - English

Making or possessing counterfeit seal, etc., with intent to commit forgery punishable otherwise. -- Whoever makes or counterfeits any seal, plate or other instrument for making an impression, intending that the same shall be used for the purpose of committing any forgery which would be punishable under any section of this Chapter other than section 467, or, with such intent, has in his possession any such seal, plate or other instrument, knowing the same to be counterfeit, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, and shall also be liable to fine.

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Making or possessing counterfeit seal, etc., with intent to commit forgery punishable otherwise.Imprisonment for Seven Years and Fine. Cognizable Bailable
Triable By: Magistrate First ClassOffence is NOT listed under Compoundable Offences
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