IPC 365 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 365

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भारतीय दण्ड संहिता की धारा 365

किसी व्यक्ति का गुप्त रीति से और सदोष परिरोध करने के आशय से व्यपहरण या अपहरण ---  जो कोई इस आशय से किसी व्यक्ति का व्यपहरण या अपहरण करेगा कि उसका गुप्त रीति से और सदोष परिरोध किया जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
किसी व्यक्ति का गुप्त रीति से और सदोष परिरोध करने के आशय से व्यपहरण या अपहरणसात वर्ष तक का कारावास और जुर्माना संज्ञेय या काग्निज़बलगैर-जमानती

विचारणीय : प्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा
कंपाउंडबल अपराध के सूचि में सूचीबद्ध नहीं है।

Indian Penal Code Section 365

Kidnapping or abducting with intent secretly and wrongfully to confine person.-- Whoever kidnaps or abducts any person with intent to cause that person to be secretly and wrongfully confined, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, and shall also be liable to fine.
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Kidnapping or abducting with intent secretly and wrongfully to confine person.imprisonment may extend to seven years and fineCognizableNon-Bailable
Triable By:Magistrate First Class Offence is NOT listed under Compoundable Offences
ध्यान दें : किसी अपराध की कानूनी प्रक्रिया को समझने के लिए, उससे संबंधित समाचारों और अदालत के निर्णयों (Judgements) को जरूर पढ़े, यहां दिए गए लिंक में यह प्रयास किया गया है। एक बार अवश्य देखें! धारा 365 से ज़ुड़े समाचार! Ref
जब किसी को जबरन या धोखा देकर गुप्त आशय के साथ अपहरण या व्यपहरण करने के लिए रोका जाता है या किया जाता है तो इस तरह के अपराध को धारा 365 के तहत दर्ज कराया जा सकता है। हम कई समाचार सुनते है जिनमे आरोपी ने किसी बालिका को जबरन कार में बैठा लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया या कोई यात्री के भेष में टेक्सी लेकर गया और बाद में उस टेक्सी ड्राइवर की लाश मिली या सामान से भरे ट्रक को पुलिस के भेष में अपराधियों ने रोका और उसे अपने ठिकाने में ले गए इत्यादि ऐसे कई मामले आए दिन सुनने को मिलते रहते है जिनमे आईपीसी की धारा 365 का प्रयोग होता है। यह एक संज्ञेय धारा है जिसपर पुलिस अधिकारी सुचना मिलने पर संज्ञान लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर सकता है और गैर-जमानती धारा होने के कारण आरोपी की जमानत भी न्यायालय से ही होगी। अपराध सिद्ध होने पर आरोपी को सात वर्ष तक का कारावास हो सकता है और जुर्माना भी दें पड़ सकता है।
इस धारा के तहत जो मामला सुर्ख़ियों में रहा :

गुडगाँव में बारह वर्षीय लड़की को कर में खींचकर अपहरण किया।

गुडगाँव: 20 जनवरी 2018 - 19 तारीख शुक्रवार, गुडगाँव के बेगमपुर खटोला गांव में एक 12 वर्षीय बच्ची का एक लाल रंग की कार में बल के प्रयोग से खिंच कर अपहरण कर लिया गया। बच्ची अपनी 7 वर्षीय छोटी बहन के साथ अपने पिता की फैक्ट्री से लोट रही थी तभी यह वारदात हो गई। पुलिस ने अपहरण का मामला आईपीसी की धारा 365 (अपहरण) के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कर लिया है।

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