IPC 271 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 271 - Disobedience to quarantine rule

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 271

करन्तीन के नियम की अवज्ञा-- जो कोई किसी जलयान को करन्तीन की स्थित में रखे जाने के, या करन्तीन की स्थिति वाले जलयानों का किनारे से या अन्य जलयानों से समागम विनियमित करने के, या ऐसे स्थानों के, जहां कोई संक्रामक रोग फ़ैल रहा हो और अन्य स्थानों के बीच समागम विनियमित करने के लिए [सरकार द्वारा] बनाए गए और प्रख्यापित किसी नियम को जानते हुए अवज्ञा करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
करन्तीन के नियम की अवज्ञा छह मास तक का कारावास या जुर्माना या दोनोंअसंज्ञेय या नॉन-काग्निज़बलजमानती
विचारणीय : किसी भी मेजिस्ट्रेट द्वारा कंपाउंडबल अपराध की सुचि में सूचीबद्ध नहीं है।

IPC 271 - English

Disobedience to quarantine rule.-- Whoever knowingly disobeys any rul e made and promulgated [by the Government] for putting any vessel into a state of quarantine, or for regulating the intercourse of vessels in a state of quarantine with the shore or with other vessels, for regulating the intercourse between places where an infectious disease prevails and other places, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to six months, or with fine, or with both.

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Disobedience to quarantine rule.Imprisonment may extend to six months or Fine or BothNon-CognizableBailable
Triable by: Any Magistrate Offence is NOT listed under Compoundable Offences
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