Vitamin D - विटामिन डी

Updated By: Help-Line health
विटामिन डी  क्या है ?
विटामिन डी वसा में घुलनशील होता है अतः यह शरीर की वसा कोशिकाओं या यकृत में वसा के रुप में संग्रहित हो जाता हैं, फलस्वरूप क्रम में जब शरीर को विटामिन डी की आवश्यकता होती है तो उसे संग्रहित वसा से शरीर द्वारा सरलता से अवशोषित कर लिया जाता हैं। विटामिन डी कई रुपों में पाया जाता हैं परन्तु मनुष्य के लिए इसके दो रुप विटामिन डी 2 व विटामिन डी 3 ही आवश्यक हैं।
विटामिन डी 2  पौधों, मशरुम या वनस्पतियों में पाया जाता हैं जबकि विटामिन डी 3 को आप अपनी त्वचा द्वारा सूर्य के प्रकाश से संश्लेषण ( Synthesize ) या ग्रहण कर सकते हैं, हमारी त्वचा जब सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आती है तब शरीर में विटामिन डी के निर्माण की प्रक्रिया आरंभ होती है,  जबकि यह मछली, कोड लीवर आयल,  अंडे की जर्दी,  दुग्ध उन्पातों, दानेंदार आनाज में प्राकृतिक रुप से उपलब्ध होता हैं। अगर आप दूध एलर्जी से पीड़ित हैं या एक विशुद्ध शाकाहारी हैं या आप सूर्य के प्रकाश से बचते है तो आपके शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती हैं ।
विटामिन डी स्वास्थ्य और मजबूत शरीर और हड्डियों के लिए महत्वपूर्ण है। विटामिन डी की प्रमुख भूमिका, रक्त में कैल्शियम और फास्फोरस के स्तर सामान्य रुप से बनाए रखना हैं। विटामिन डी, शरीरिक प्रणाली को कैल्शियम अवशोषित करने के लिए प्ररेरित करता हैं, क्योंकि कैल्शियम मज़बूत हड्डियों के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण घटक हैं। विटामिन डी अस्थि-सुषिरता (Osteoporosis), उच्च रक्तचाप, कैन्सर इत्यादि जैसी बीमारीयों के नियंत्रण में भी सहायक भूमिका निभाता हैं।

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