Vitamin B3 ( NIACIN ) - विटामिन बी 3 ( नियासिन )

विटामिन बी3, बी श्रेणी के विटामिनों में से एक है, जिसे नियासिन ( निकोटिनिक एसिड ) के नाम से भी जाना जाता है और यह दो अन्य रूपो में निअसिनामाइड (Niacinamide) ओर इनोसिटोल हैक्सानीकोटिनेट (Inositol Hexanicotinate ) के नाम से भी पाया जाता है, जिनका प्रभाव नियासिन से अलग होता है। सभी तरह के विटामिन बी खाने से प्राप्त कार्बोहाइड्रेट्स को ग्लूकोस में परिवर्तित कर शरीर की ऊर्जा निर्माण में सहायता करते है। यह सभी बी श्रेणी के विटामिन प्रायः बी-काम्प्लेक्स के रूप में उलेखित किये जाते है। शरीर में स्वस्थ ह्रदय व रक्तवाहिकायों के रख-रखाव के लिए नियासिन ( Niacin ) एक महत्वपूर्ण विटामिन है और यह ब्लड कलेस्ट्रॉल का संतुलित स्तर बनाये रखता है, इसके साथ नियासिन त्वचा निर्माण व रख-रखाव, मस्तिष्क के विकास ओर डायबिटीज स्टेज 1 के उपचार में भी प्रयोग किया जाता है। नियासिन एड्रेनल ग्लैण्ड (Adrenal Glands) ओर शरीर के अन्य हिस्सों में यौन-क्रिया व तनाव से सम्बंधित विभिन्न हॉर्मोन्स के निर्माण में शरीर की सहायता करता है। वैसे हमारा शरीर विटामिन बी3 की पूर्ति प्राकृतिक रूप से उपलब्ध आहार से करता है। यह कॉफी, राजमा, दाल, ब्रोकली, मशरूम, मूंगफली, चिकेन, टूना मछली, टर्की इतियादि में पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। शरीर में नियासिन की कमी कभी-कभी देखने को मिलती है, परन्तु जो मदिरा का अधिक सेवन करते है उनमे नियासिन की कमी प्रायः पायी जाती है। नियासिन की कमी होने के सामान्य लक्षण है, बदहजमी होना, बिना कारण थकावट होना, छाले पढ़ना, फोड़ा होना, उलटी होना, डिप्रेशन का होना। इस लिए हमारे लिए यह आवशयक हो जाता है कि हम हमेशा पौष्टिक आहार लें ताकि रोजाना हमारे शरीर को विटामिन्स की आपूर्ति होती रहे और हम स्वस्थ रहें।
Report Disclaimer Applies

कृपया प्रसार करें:

पिछला लेख
अगला लेख