If Transfer Of Vehicle Is Not Registered -Judgement

कार दुर्घटना के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 2(30) का हवाला देते हुए यह निर्णय (Judgment) दिया है कि अगर मोटर वाहन बेचने पर अगर उसका पंजीकरण उस वाहन के नए मालिक के नाम पर हस्तांतरित नहीं किया जाता है तो उस वाहन से दुर्घटना होने की स्थिति में हुई क्षति की क्षतिपूर्ति पहले मालिक को करनी होगी।
सर्वोच्च न्यायालय, ने नवीन कुमार बनाम विजय कुमार, के एक मामले में मोटर वाहन अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि वाहन पर मालिकाना हक़ उसी का होता है जिसके नाम से वो वाहन पंजीकृत होता है इसलिए अगर वाहन बेचने के बाद उसके स्वामित्व का हस्तांतरण नहीं होता है तो उस वाहन से दुर्घटना होने पर उससे क्षतिग्रस्त व्यक्ति की हानि की पूर्ति उसके रजिस्टर्ड मालिक को करनी होगी क्योकि मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार रजिस्टर्ड व्यक्ति ही उस वाहन का मालिक है।
दरअसल यह मामला विजय कुमार नाम के एक व्यक्ति से जुड़ा है। विजय कुमार ने 12 जुलाई 2007 को अपनी कार एक व्यक्ति को फॉर्म 29 और 30 साथ बेची जोकि वाहन के हस्तांतरण के लिए थे। उस व्यक्ति ने 18 सितंबर 2008 को वह कार किसी तीसरे को बेच दी और इस तरह एक कार कई बार बिक गई इसके बाद 27 मई 2009 को शाम 7.30pm बजे उस कार से दुर्घटना हो गई उस समय उस कार को राकेश चला रहा था। इस दुर्घटना में जय देवी घायल हो गई और उनका रिश्तेदार नितिन का देहांत हो गया। इसके बाद यह मामला ट्रिब्यूनल के पास गया और 6 अक्टूबर 2012 को, मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने 375000 रूपये का नितिन की मृत्यु होने पर और रुपए 10000/ का श्रीमती जय देवी को पहले रेस्पोंडेंट विजय कुमार को हर्जाना देने का आदेश जारी किया क्योंकि उस कार का पंजीकरण अभी भी विजय कुमार के नाम पर था और इसके बाद इस आदेश के विरुद्ध विजय कुमार ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में अपील की जिसपर उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में माना कि कार बेचे जाने के सबूत प्रमाणिक हैं। इसलिए विजय को हर्ज़ाना अदा करने की ज़रूरत नहीं है।
लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ बाद के कार मालिकों में से नवीन कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर दी। इस पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने माना कि कार विजय के नाम पंजीकृत है। इसलिए मोटर यान अधिनियम- 1988 की धारा-2 (30) के अंतर्गत दुर्घटना होने पर हर्ज़ाना चुकाने का उत्तरदायित्व भी उनका ही होगा।
विस्तृत जानकारी के लिए निर्णय पूरा पढ़ें: :

बलात्कार एक घृणित अपराध
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