Section 365 IPC in Hindi News - धारा 365 आईपीसी के समाचार

Section-365 IPC - Kidnapping or Abducting - धारा 365 आईपीसी - अपहरण या व्यपहरण:

यदि कोई किसी को गुप्त तरीके से, धमका कर या बहला-फुसला कर या धोखा देकर हरण करता है या उसे हरण की मंशा के साथ रोकने का प्रयास करता है तो यह माना जाता है कि वह भारतीय दण्ड संहिता की धारा 365 के तहत अपराध करता है अथार्त उसे शिकायत होने पर इस धारा के अंतर्गत गिरफ्तार किया जा सकता है। इस तरह के अपराध जिनमे आरोपी किसी युवती या बालिका को कार में खींचता है या किसी व्यक्ति का वाहन सहित अपहरण कर लुटता है या अपहरण के इरादे से उसे रोकता है, ऐसे समाचार हमें आमतौर पर सुनने को मिलते रहते है। यह अपराध गैर-जमानती और संज्ञेय है मतलब जमानत आसानी से और तुरंत नहीं मिलती और अपराध सिद्ध होने पर सजा सात वर्ष तक की हो सकती है और जुर्माना भी देना पड़ सकता है।
हम यहां धारा 365 से संबंधित कुछ समाचार यहाँ प्रस्तुत कर रहें है जिससे आप हमारे समाज में ऐसे अपराधों को सही रूप से समझने के साथ-साथ उनका विश्लेषण भी कर सकते है।

चंडीगढ़ छेड़छाड़ मामला:आरोपी विकास बराला और आशीष न्यायिक हिरासत में भेजा

हरियाणा में वरिष्ठ आईएएस अफसर की बेटी वर्णिका कुंडू 4 अगस्त 2017 शुक्रवार रात जब सेक्टर 7 से अपने घर की तरफ लौट रही थी, तो दो लड़कों ने अपनी एसयूवी कार से उनका पीछा किया। लगभग 6 किलोमीटर पीछा करने के बाद आरोपी ने वर्णिका की कार के आगे अपनी टाटा सफारी लगा दी। इस बीच वर्णिका ने पुलिस को सुचना दे दी थी। पुलिस ने जिन लड़कों को वारदात की जगह से पकड़ा था उनकी पहचान विकास बराला और आशीष के रूप में हुई, असल में विकास बराला, हरियाणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे है।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी विकास बराला और आशीष के खिलाफ पहले IPC की धारा 354 डी, 341,365, 511 और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत मामला दर्ज किया था। परन्तु बाद में आईपीसी की धारा 365 और 511 को हटा लिया था और 9 अगस्त को
पुलिस ने गहन तहकीकात के बाद फिर से धारा 365 कर 511 को मामले के साथ जोड़ दिया।

निर्भया कांड के दोषियों को 10 साल की अतिरिक्त सजा

16 दिसंबर, 2012 को एक चलती बस में 23 साल की एक लड़की से गैंगरेप और उसकी हत्या के मामले ने दिल्ली के साथ-साथ पुरे देश को हिलाकर रख दिया था। उस लड़की की हत्या करने से पहले सभी आरोपियों मुकेश, विनय, पवन और अक्षय ने एक बढ़ई के साथ मारपीट और लूटपाट की थी जिसपर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने इन आरोपियों पर डकैती मामले में दोषी ठहराते हुए दस वर्ष की सजा सुनाई थी और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रीतेश सिंह ने अक्षय कुमार सिंह, मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा को IPc की धारा 395 और 365 के तहत इस मामले में दोषी ठहराया था. फैसला सुनाये जाने के दौरान चारों मुजरिम कोर्ट में मौजूद थे.
बलात्कार एक घृणित अपराध
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