Section 342 IPC in Hindi News - धारा 342 आईपीसी के समाचार

जब किसी व्यक्ति द्वारा आपराधिक भावना से किसी को जबरदस्ती रोका या बंदी बनाया जाता है तो वह अपराध है, मतलब यह की वह व्यक्ति जो इस कार्य को करता है, आईपीसी की धारा 342 के तहत परिभाषित आपराधिक दंड के लिए आरोपी बनाया जा सकता है। किसी को गलत इरादे से रोकना या परिरोध करना अकेले ही अपराध है पर अधिकतर मामलों में देखा गया है कि इस अपराध के साथ-साथ कई और अपराध भी जुड़े रहते है। अधिकतर योन-उत्पीड़न, बलात्कार, जबरन वसूली, हत्या, मार-पिट के मामले भी इस अपराध के साथ जोड़े जाते है।
अगर धारा 342 के आरोपी पर आरोप सिद्ध हो जाए तो उसे एक वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों दंड के रूप में भुगतने पड़ सकते है। यह धारा संज्ञेय है और जमानती है।
सुचना का एक माध्यम है समाचार, सामाज में जब भी कोई घटना घटती है तो उसकी जानकारी अधिकतर समाचारों से ही मिलती है इसलिए हम यहां सिर्फ धारा 342 से संबंधित समाचार प्रस्तुत कर रहे है जिससे आप अनुमान लगा सकें कि किन-किन मामलों और परिस्थितियों में यह धारा प्रभावी होती है।
हमारा उद्देश्य आपराधिक भावना से किसी को जबरदस्ती रोके या बंदी बनाये जाने के मामलों से संबंधित समाचरों को प्रस्तुत कर उन घटनाओं को बताना है, जिनमे आईपीसी की धारा 342 का प्रयोग होता है। इन समाचरों को हमने कुछ प्रतिष्ठित समाचार वेबसाइटों से लिया है जिनका हम तह दिल से आभार प्रकट करते है।
नामांकन स्थल के बाहर से पकड़े युवक को पुलिस से छुड़ाया, रिपोर्ट
हिन्दुस्तान टीम, बिजनौर, Tue, 13 Mar 2018 10:03 PM IST

जिपं अध्यक्ष पद के नामांकन के दौरान बाहर शांति भंग की आशंका देख कोतवाल ने जिस युवक को पकड़कर अपने हमराह पुलिसवालों के साथ थाने भेजा था, उसे 10-12 अज्ञात लोग शक्ति चौराहे के पास पुलिसवालों की गिरफ्त से छुड़ा ले गए। पुलिस ने ढूंढकर उसे फिर से पकड़ा।
पुलिस की ओर से इसमें एक नामजद और 10-12 अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 342 व 336 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।.... सोर्स:-Hindustan

संपत्ति के लिए बेटी ने मां और छोटी बहन को घर में किया कैद
नवभारत टाइम्स, Tue, 13 Mar 2018 10:03 PM IST

अक्सर आप जमीनी विवाद को लेकर हत्या और धमकी की खबरें पढ़ते होंगे, लेकिन कर्नाटक के मांड्या जिले में संपत्ति की वजह से एक बेटी ही अपनी मां की दुश्मन बन गई। आरोप है कि एक बेटी ने अपने पति के साथ मिलकर संपत्ति हड़पने के लिए अपनी मां और छोटी बहन को कमरे में कैद कर दिया।
पर मांड्या वेस्ट पुलिस ने आईपीसी की धारा 342 और 506 के तहत महिला की बेटी और उनके पति पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिले की एसपी जी. राधिका ने भरोसा दिया है कि पीड़ितों को राजस्व विभाग के जरिए न्याय दिलाया जाएगा। .... सोर्स:-नवभारत टाइम्स

निजी स्कूल ने पार की सारी हदें, फीस न देने पर स्टूडेंट को बना लिया बंधक

Daily Hunt - Tuesday, 11 Apr 2017, 9.11 am
गुजरात के सूरत शहर में डुमास रोड, उमरा में पी आर खांटीवाला स्कूल के जूनियर केजी स्कूल ने फीस जमा न करने के कारण बच्चे को घर नहीं भेजा और कथित तौर पर करीब ढाई घंटे तक बंधक बना कर रखा। छात्र के पिता की शिकायत के बाद प्रशासन स्वरा जाँच के आदेश दे दिए गए और इस संबंध में स्कूल की क्लास टीचर और महिला प्रधानाध्यापक के खिलाफ उमरा थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 342, 114 तथा बच्चों के प्रति अपराध संबंधी ज्युवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया।

दुष्कर्म की नीयत से बंदी बनाने के दोषी काे 3 वर्ष कैद, 10 हजार जुर्माना भी

Bhaskar News Network | Last Modified - Dec 20, 2017, 08:30 AM IST
एक महिला अपनी दो नाबालिग बेटियों को घर पर छोड़कर मजदूरी करने गई। इस दौरान उसे किसी ने बताया कि उसकी छोटी बेटी घर से लापता है। तलाश करने पर उसके पड़ोसी भैरू लाल नायक जमना देवी ने प्रेम लाल के घर जाकर देखा तो एक कोने में बालिका बेहोश पड़ी थी। होश में आने पर बच्ची ने बताया कि वह प्रेम लाल के घर के बाहर से निकल रही थी। इस दौरान प्रेम लाल ने उसे जबरन घर में घसीटकर दरवाजा बंद कर दिया और दुष्कर्म करने का प्रयास किया। वह बचाव के लिए दरवाजे की तरफ भागी थी फिर दरवाजे से सिर टकरा जाने पर बेहोश हो गई थी। 14 नवंबर 2015 को पूलां निवासी इस श्रमिक महिला ने अंबा माता थाने में इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले में
पोक्सो एक्ट के विशिष्ट न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार जसूजा की अदालत ने दोषी प्रेम लाल गमेती उर्फ प्रेम पुत्र लालू राम गमेती को पोक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत तीन वर्ष की कैद पांच हजार जुर्माना और धारा 342 के तहत छह माह की कैद पांच हजार रुपए जुर्माना सुनाया।
बलात्कार एक घृणित अपराध
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