Section 325 IPC in Hindi News - धारा 325 आईपीसी के समाचार

Section 325 IPC - Voluntarily Causing Grievous Hurt - धारा 325 आईपीसी - स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना:

जानते हुए बिना उकसावे के किसी को बहुत अधिक हानि या चोट पहुँचाने पर धारा 325 का प्रयोग होता है। धारा 324 भी घोर उपहति के लिए जानी जाती है परन्तु धारा 324 खतरनाक आयुधों या साधनों का प्रयोग होने पर, आरोपी पर मामला दर्ज किया जाता है जबकि धारा 325 के अनुसार बिना उकसावे के किसी भी परिस्थिति में किसी को घोर उपहति या शारीरिक हानि पहुंचाने पर मामला दर्ज किया जा सकता है। धारा 325 संज्ञेय है और जमानती भी इस लिए मामला दर्ज होने पर जमानत मिल जाती है और अगर पीड़ित व्यक्ति चाहे तो न्यायालय की अनुमति के पश्चात समझौता भी हो सकता हिअ अन्यथा आरोप सिद्ध होने पर सात वर्ष की जेल और जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।
इस धारा से जुड़े कुछ समाचारों से आप इस धारा के व्यवहार को समझ सकते है, इसलिए कुछ समाचार जो इस धारा से संबंधित है वो नीचे दिए गए है।

कक्षा एक के छात्र को घायल करने वाली छात्रा को बाल ग्रह भेजा

लखनऊ: 18 जनवरी 2018, 12 वर्षीय सातवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा जिसने पहली कक्षा के छात्र को कई घावों से घायल कर दिया था, उसको एक स्थानीय अदालत ने 31 जनवरी तक बाल सुधार गृह भेज दिया है। छात्रा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 324 और 325 के तहत आरोप लगे हैं। ब्राइट लैंड स्कूल के प्रिंसिपल रचित मानस पर भी पुलिस ने साक्ष्य मिटाने के आरोप में आईपीसी की धारा 201 और 202 के तहत मामला दर्ज किया है और उन्हें भी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जमानत दे दी है। पुलिस के अनुसार सातवीं कक्षा की छात्रा ने कथित तौर पर स्कूल में छुट्टी कराने के इरादे से स्कूल के शौचालय में पहली कक्षा के एक छात्र पर चाकू से वार किया था।

क्रिकेटर अमित मिश्रा गिरफ्तार, पूछताछ के बाद मिली जमानत

बेंगलुरु, 27 अक्टूबर 2015, एक महिला ने क्रिकेटर अमित मिश्रा पर आरोप लगाया कि बेंगलुरु के एक होटल में उनके साथ अमित ने उसका यौन उत्पीड़न किया और उनके साथ मारपीट भी की और यह पूरी घटना होटल के सीसीटीवी में कैद हो गई। इस मामले में 27 सितंबर को अमित मिश्रा के खिलाफ महिला ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
बेंगलुरू पुलिस ने क्रिकेटर अमित मिश्रा से इस उत्पीड़न के मामले को लेकर तीन घंटे तक पूछताछ की और इसके बाद उनको आईपीसी की धारा 325 और 354 ए के तहत गिरफ्तार किया गया, लेकिन तुरंत जमानत दे दी गई.
बलात्कार एक घृणित अपराध
विनम्र ' अनुरोध: भविष्य में जारी होने वाली नोटिफिकेशन को अपने ईमेल पर पाने के लिए अपने ईमेल को सब्सक्राइब करें।

Popular Posts