Section 384 IPC in Hindi News - धारा 384 आईपीसी के समाचार

Extortion या जबरन वसूली या उद्दापन जैसे अपराध को भारतीय दण्ड संहिता के धारा 383 में विस्तार के साथ परिभाषित किया गया है और उसी परिभाषित अपराध के दण्ड का उल्लेख आईपीसी 384 में किया गया है। हमारे आस-पास के वातावरण में जबरन वसूली की घटने वाली घटनाओं के कारण, अपराधी की स्तर और मनोस्थिति को समझने के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि हम हमारे आस-पास के परिवेश में होने वाली घटनाओं और उनके प्रकार को समझे और यह समझने के लिए हमारे पास समाचार से बढ़िया कोई और स्त्रोत नहीं है। समाचारों के द्वारा हम घटना और अपराध की प्रकृति को जान सकते है इसके साथ-साथ उस घटित अपराध के लिए निर्धारित दण्ड और प्रक्रिया को भी समझ सकतें है।
धारा 384 संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) है अथार्त इस धारा के अंतर्गत हुए अपराध के लिए पुलिस सुचना मिलने पर तुरंत प्राथमिकी (FIR) लिखकर इसका संज्ञान ले कर अपराधी को गिरफ्तार कर सकती है। गैर-जमानती धारा होने के कारण आरोपी को जमानत न्यायालय से ही मिल पाएगी।
धारा 384 के कुछ संक्षिप्त समाचार हम यहाँ प्रस्तुत कर रहें है जिससे आप इस अपराध में संलिप्त आरोपियों की प्रवृत्ति और अपराध की प्रकृति को समझ पाएंगे।

1. फेसबुक पर की दोस्ती, फोटो एडिट कर ब्लैकमेलिंग, बच्ची को किया किडनैप

Aug 12, 2017 को दैनिक भास्कर में छपे एक समाचार के अनुसार रायपुर के एक लड़के ने दुर्ग की एक लड़की से फेसबुक में दोस्ती की, फिर प्यार किया और फिर किडनैप कर लिया। समाचार के अनुसार लड़के ने लड़की की फेसबुक से लड़की की फोटो डाउनलोड करके उसे फोटोशॉप द्वारा एडिट कर लड़की को ब्लैक-मेल करना शुरू कर दिया। एक दिन उसने लड़की को रायपुर बुलाकर बंधक बना लिया। पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद जब मामला पुलिस तक पहंचा तो पता चला कि लड़की ने डर कर उस लड़के को ढाई से तीन लाख रुपए दे दिए थे और वो लड़का उससे और रुपयों की मांगे कर रहा था। दुर्ग कोतवाली पुलिस ने आरोपी अवंती विहार रायपुर निवासी कुंदन रज्जानी के खिलाफ मामला पंजीबद्ध कर लिया।

2. छत्तीसगढ़ पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को गाजियाबाद से किया गिरफ्तार

Oct 27, 2017 को नवभारतटाइम्स.कॉम में छपे एक समाचार के अनुसार पत्रकार विनोद वर्मा को उनके गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में स्थित घर से छत्तीसगढ़, रायपुर पुलिस की एक टीम ने वर्मा को ब्लैकमेलिंग और उगाही के केस में गिरफ्तार किया। विनोद वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो बीबीसी के लिए काम कर चुके हैं और फिलहाल छत्तीसगढ़ कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। वर्मा के खिलाफ एक नेता को ब्लैकमेल करके अवैध उगाही करने का आरोप है इसलिए वर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ के पंडरी थाने में आईपीसी की धारा 384, 506 और आईटी ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस को वर्मा के घर से करीब 500 सीडी मिली हैं जिन्हें जब्त कर लिया गया है। इसके अलावा पुलिस ने 2 लाख रुपये कैश भी जब्त किया है। पुलिस ने एक लैपटॉप और डायरी भी अपने कब्जे में लिया है।

3. पुलिस ने दाऊद के भाई इकबाल कास्कर को गिरफ्तार किया

19 सितम्बर 2017, मुंबई पुलिस आयुक्त ने आज प्रेस कांफ्रेस कर बताया कि भवन निर्माता को जबरन वसूली को लेकर धमकाने के आरोप में अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को उसकी बहन हसीना पारकर के घर से ठाणे अपराध शाखा पुलिस ने कल देर रात गिरफ्तार कर लिया। कासकर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 384, 386 , 387 आर डब्ल्यू 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बलात्कार एक घृणित अपराध
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