प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)

15 अगस्त, 2008 को ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के स्थान पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पी.एम.ई.जी.पी) की घोषणा को की गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों की स्थापना के माध्यम से नई स्वरोजगार उपक्रमों, परियोजनाओं, सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना करते हुए रोजगार के अवसर बढ़ाना है। योजना का क्रियान्वयन खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (के.वी.आई.सी), उ.प्र.खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड (के.वी.आई.वी) तथा जिला उद्योग केन्द्र (डी.आई.सी) द्वारा जनपदों में बैंकों के माध्यम से किया जा रहा है जबकि, रा\ज्य स्तर पर इस योजना की नोडल एजेन्सी खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (के.वी.आई.सी) है।

क्र.संविवरण के बिन्दुप्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम
1.वित् सहायता का माघ्यमराष्ट्रीय/क्षेत्रीय ग्रामीण/बैंक
2.ऋण की अधिकतम सीमारू० 25.00 लाख
3.लाभार्थी का हिस्सासामान्य लाभार्थियों हेतु 10% तथा अनु० जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक,महिला,विकलांग एवं भूवपूर्व सैनिक हेतु 5%
4.ऋण पर ब्याजबैंक द्वारा निर्धारित किया जाएगा
5.उद्यमी द्वारा देय ब्याजबैंक द्वारा निर्धारित किया जाएगा
6.ऋण वसूली की अवधिबैंक द्वारा निर्धारित की जाएगी
7.मार्जिन मनी सब्सिडीसामान्य वर्ग के लिए रू० 25.00 लाख तक की परियोजना लागत पर 25% एवं अन्य आरक्षित वर्गो के लिए 35%
8.आवेदन पत्र की उपलब्धताजिला ग्रामोद्योग कार्यालय
9.ऋण आवेदन पत्र के साथऋण आवेदन पत्र की दो प्रति
10.अपेक्षित प्रपत्रशैक्षिक/तकनीकी योग्यता/प्रशिक्षण प्रमाण पत्र ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साईज फोटो, उद्योग की बुकेबुल परियोजना ऋण की सुरक्षा हेतु जमानत के साक्ष्य आयु सीमा के प्रमाण पत्र
मानदण्ड:
आयु : 18 वर्ष से अधिक का कोई भी व्यक्ति, जो कम से कम कक्षा आठ पास हो।
परियोजना की अधिकतम राशि:- रू०-25.00 लाख तक।
कार्यक्षेत्रः- उद्यम की स्थापना ग्रामीण क्षेत्र में ही अनुमन्य है।
आवेदन कैसे करें:- पीएमईजीपी योजनान्तर्गत ऑनलाइन आवेदन ही अनुमन्य है तथा कोई भी आवेदक www.kviconline.gov.in की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है तथा इस वेबसाइट पर योजना के सम्बन्ध में सम्पूर्ण दिशा-निर्देश एवं विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।
अपेक्षित दस्तावेजः- परियोजना शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र जाति प्रमाण-पत्र (जहां लागू हो) आदि।
लाभार्थियों का चयनः- जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यदल के माध्यम से होता है।
परियोजना की मंजूरीः- तकनीकी आर्थिक व्यवहार्यता के अनुसार बैकों द्वारा परियोजना की मंजूरी प्रदान की जाती है।
निजी योगदान:- सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत एवं आरक्षित श्रेणी के लाभार्थियों हेतु परियोजना लागत का 5 प्रतिशत तक निजी अंशदान लगाना होता है।
मार्गदर्शन:


बलात्कार एक घृणित अपराध
विनम्र ' अनुरोध: भविष्य में जारी होने वाली नोटिफिकेशन को अपने ईमेल पर पाने के लिए अपने ईमेल को सब्सक्राइब करें।

Popular Posts