IPC 324 Bailable - जमानती Or Non-Bailable - गैर-जमानती?

भारतीय दंड संहिता के अध्याय 16 में धारा 324 को परिभाषित किया गया है, यदि कोई व्यक्ति बिना किसी उकसावे के (धारा 334 में उल्लेखित मामलों को छोड़ कर) खतरनाक हथियारों, अग्नि या अग्निस्त्र, छुरे, या अन्य किसी साधन जैसे एसिड, विस्फोटक पदार्थ, विष, जहरीली गैस, किसी जीव इत्यादि द्वारा यह जानते हुए कि यह किसी की मृत्यु का कारण हो सकती है, का प्रयोग कर किसी व्यक्ति को शारीरिक क्षति या हानि पहुँचता है तो वह धारा 324 में उल्लेखित अपराध करता है। अपराध के सिद्ध होने पर आरोपी को तीन वर्ष तक की अवधि के लिए कारावास या जुर्माना या दोनों के रूप में दंड भुगतना पड़ सकता है।

क्या आई पी सी की धारा 324 गैर-जमानती है या जमानती - Is Section 324 of IPC Bailable or Non-Bailable ?
भारतीय संसद द्वारा "CODE OF CRIMINAL PROCEDURE (AMENDMENT) ACT, 2005 संख्यां 25 को 23rd June, 2005. को अधिनियमित कर दण्ड संहितां की कई धाराओं में संशोधन किया गया जिसमे से दंड संहितां की धारा 324 को संशोधित करके गैर-जमानती धारा घोषित कर दिया गया। आपराधिक प्रक्रिया (संशोधन) अधिनियम, 2005 (2005 का नंबर 25) संहिता की धारा 42 उप-धारा (एफ) (iii) इस प्रकार से है:
(iii) section 324, for the word "Ditto", the word "Non-bailable" shall be substituted;
इस संशोधन के बाद 21 जून, 2006 को भारत के राजपत्र में एक अधिसूचना जारी की गई, जिसके अनुसार भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 324 गैर-जमानती अपराध नहीं है। इस अधिसूचना की जानकारी न होने के कारण, कुछ स्थानों पर, भारतीय दंड संहिता की धारा 324 के तहत अपराध के आरोपी को गैर-जमानती अपराध की धारा के अंतर्गत गिरफ्तार कर लिया जाता है, जबकि यह धारा अभी भी जमानती धारा है।
ध्यान दे : 21 जून, 2006 का भारत के राजपत्र में छपी अधिसूचना का अंश निचे दिया गया है।
MINISTRY OF HOME AFFAIRS
Notification
New Delhi, the 21st June, 2006
S. O. 923(E). In exercise of the powers conferred by sub-section (2) of section 1 of the Code of Criminal Procedure (Amendment) Act, 2005 (No. 25 of 2005), the Central Government hereby appoints the 23rd June, 2006, as the date on which the provisions of the said Act, except the provisions of Sections 16, 25, 28(a), 28(b), 38, 42(a), 42(b) 42(f) (iii) and (iv) and 44(a), shall come into force.
[F. No. 2/5/90-Judl Cell (Vol VIII)]
Dr. P. K. SETH, Jt. Secy.

इसके बाद 14 दिसम्बर 2012 MR.CHANDRA KANJAPPA KUCHCHIKURWE Vs STATE OF MAHARASHTRA & ANR मामले पर बॉम्बे हाई कोर्ट का निर्णय आया जिसमे "CODE OF CRIMINAL PROCEDURE (AMENDMENT) ACT, 2005 संख्यां 25 के सेक्शन 1 का सब-सेक्शन 2 को उद्धृत किया, जो निचे दिया गया है :
1. Short title and commencement.-(1) This Act may be called the Code of Criminal Procedure (Amendment) Act, 2005.

(2) Save as otherwise provided in this Act, it shall come into force on such date as the Central Government may, by notification in the Official Gazette, appoint.
2005 संख्यां 25 संशोधन के सेक्शन 1 का सब-सेक्शन 2 के अनुसार केंद्रीय सरकार द्वारा एक अधिसूचना निकलने के बाद इस संशोधन के लागु होने की बात कही गई थी, जोकि अभी तक जारी नहीं की गई है अतः धारा 324 अभी भी जमानती धारा है।
इस धारा के संदर्भ में नीचे बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्णय, भारत के राजपत्र, संशोधन एक्ट, 2005 संख्यां 25 को देखने के लिए लिंक दिए गए है जिन्हे आप क्लिक करके देख सकते है।
( IPC Section 324 जमानती है या गैर-जमानती, इस विषय पर इस लेख में अंतिम साक्ष्य 2013 का है अतः आप से अनुरोध है कि इस विषय की पुष्टि के लिए 2013 के बाद के संशोधनों को जाँच ले।)

1. Code of Criminal Procedure (Amendment) Act, 2005 संख्यां 25
3. भारत का राजपत्र
2. ORDER - IPC 324 - BAILABLE - MR.CHANDRA KANJAPPA KUCHCHIKURWE Vs....


बलात्कार एक घृणित अपराध
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