IPC 257 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 257 - Hindi - Making or selling instrument for counterfeiting Government stamp

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 257

सरकारी स्टाम्प के कूटकरण के लिए उपकरण बनाना या बेचना -- जो कोई सरकार के द्वारा राजस्व के प्रयोजन के लिए प्रचालित किसी स्टाम्प के कूटकरण के लिए उपयोग में लाए जाने के प्रयोजन से, या यह जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह ऐसे कूटकरण के लिए उपयोग में लाए जाने के लिए आशयित है, कोई उपकरण बनाएगा या बनाने की प्रव्रिEया के किसी भाग को करेगा या ऐसे किसी उपकरण को खरीदेगा, या बेचेगा या व्ययनित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
सरकारी स्टाम्प के कूटकरण के लिए उपकरण बनाना या बेचनासात वर्ष का कारावास और जुर्मानासंज्ञेय या काग्निज़बलगैर-जमानती
विचारणीय : प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा यह अपराध कंपाउंडबल अपराधों की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है

Indian Penal Code Section 257

Making or selling instrument for counterfeiting Government stamp.-- Whoever makes or performs any part of the process of making, or buys, or sells, or disposes of, any instrument for the purpose of being used, or knowing or having reason to believe that it is intended to be used, for the purpose of counterfeiting any stamp issued by Government for the purpose of revenue, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, and shall also be liable to fine.
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Making or selling instrument for counterfeiting Government stampImprisonment for Seven years and FineCognizableNon-Bailable
Triable By: Magistrate First Class Offence is NOT listed under Compoundable Offences
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