IPC 238 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 238

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 238

भारतीय सिक्के की कूटकॄतियों का आयात या निर्यात-- जो कोई किसी कूटकॄत सिक्के को, यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह [भारतीय सिक्के] की कूटकॄति है, [भारत] में आयात करेगा या [भारत] से निर्यात करेगा, वह [आजीवन कारावास] से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
भारतीय सिक्के की कूटकॄतियों का आयात या निर्यातआजीवन कारावास या दस वर्ष का कारावास और जुर्मानासंज्ञेय या काग्निज़बलगैर-जमानती
विचारणीय : प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा यह अपराध कंपाउंडबल अपराधों की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है

Indian Penal Code Section 238

Import or export of counterfeits of the Indian coin.-- Whoever imports into [India], or exports therefrom, any counterfeit coin, which he knows or has reason to believe to be a counterfeit of [Indian coin], shall be punished with [Imprisonment for life], or with imprisonment of either description for a term which may extend to ten years, and shall also be liable to fine.
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Import or export of counterfeits of the Indian coin.Imprisonment for Five years and Fine CognizableNon-Bailable
Triable By: Magistrate First Class Offence is NOT listed under Compoundable Offences
बलात्कार एक घृणित अपराध
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