IPC 326A in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 326क

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 326क

तेजाब, इत्यादि के प्रयोग से स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना 1 --- जो कोई किसी व्यक्ति के शरीर के किसी अंग या अंगों को उस व्यक्ति पर तेज़ाब फेंककर या उसे तेज़ाब का सेवन कराकर या किन्हीं अन्य साधनों का प्रयोग करके स्थायी या आंशिक नुक्सान या विद्रूपता कारित करेगा या दाह कारित करेगा या विकलांग बनाएगा या विद्रूपित करेगा या निःशक्त बनायेगा या वैसा कारित करने के आशय से या इस ज्ञान के साथ, कि उसे ऐसी क्षति या उपहति कारित होना सम्भाव्य है, घोर उपहति कारित करेगा, वह दोनों में से ऐसे किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष से न्यून नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी और जुर्माने से, दण्डित किया जायेगा :

परन्तु ऐसा जुर्माना पीड़ित के उपचार के चिकित्सीय व्यय को पूरा करने के लिए न्यायोचित और युक्तियुक्त होगा:
परन्तु यह और कि इस धारा के अधीन अधिरोपित किसी जुर्माना का भुगतान पीड़ित को किया जायेगा।

1. दण्ड विधि (संशोधन) अधिनियम, 2013 द्वारा अन्त:स्थापित (दिनांक 03-02-2013 से प्रभावी)।

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
तेजाब, इत्यादि के प्रयोग से स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना आजीवन कारावास या दस वर्ष का कारावास और पीड़ित को जुर्मानासंज्ञेय या काग्निज़बलगैर-जमानती
विचारणीय :सेशन कोर्ट द्वारा यह अपराध कंपाउंडबल अपराधों की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है

Indian Penal Code Section 326A

Voluntarily causing grievous hurt by use of acid, etc.[1].-- Whoever causes permanent or partial damage or deformity to, or burns or maims or disfigures or disables, any part or parts of the body of a person or causes grievous hurt by throwing acid on or by administering acid to that person, or by using any other means with the intention of causing or with the knowledge that he is likely to cause such injury or hurt, shall be punished with imprisonment of either description for a term which shall not be less than ten years but which may extend to imprisonment for life, and with fine;

Provided that such fine shall be just and reasonable to meet the medical expenses of the treatment of the victim;

Provided further that any fine imposed under this section shall be paid to the victim.

1.Criminal Law (Amendment) Act, 03-02-2013

PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Voluntarily causing grievous hurt by use of acid, etc.Imprisonment for Life or Ten years and Fine paid to the victimCognizableNon-Bailable
Triable By: Session Court; Offence is NOT listed under Compoundable Offences
बलात्कार एक घृणित अपराध
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