IPC 234 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 234

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 234

भारतीय सिक्के के कूटकरण के लिए उपकरण बनाना या बेचना-- जो कोई किसी डाई या उपकरण को भारतीय सिक्के के कूटकरण के लिए उपयोग में लाए जाने के प्रयोजन से, या यह जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह [भारतीय सिक्के] के कूटकरण में उपयोग में लाए जाने के लिए आशयित है, बनाएगा या सुधारेगा या बनाने या सुधारने की प्रव्रिEया के किसी भाग को करेगा अथवा खरीदेगा, बेचेगा या व्ययनित करेगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
भारतीय सिक्के के कूटकरण के लिए उपकरण बनाना या बेचनासात वर्ष का कारावास और जुर्मानासंज्ञेय या काग्निज़बलगैर-जमानती
विचारणीय : सेशन कोर्ट द्वारा यह अपराध कंपाउंडबल अपराधों की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है

Indian Penal Code Section 234

Making or selling instrument for counterfeiting Indian coin.-- Whoever makes or mends, or performs any part of the process of making or mending or buys, sells or disposes of, any die or instrument, for the purpose of being used, or knowing or having reason to believe that it is intended to be used, for the purpose of counterfeiting 3[Indian coin], shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, and shall also be liable to fine.
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Making or selling instrument for counterfeiting Indian coin.Imprisonment for Seven years and Fine CognizableNon-Bailable
Triable By: Session Court Offence is NOT listed under Compoundable Offences
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