IPC 166 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 166

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 166

लोक सेवक, जो किसी व्यक्ति को क्षति कारित करने के आशय से विधि की अवज्ञा करता है-- जो कोई लोक सेवक होते हुए विधि के किसी ऐसे निदेश की जो उस ढंग के बारे में हो जिस ढंग से लोक सेवक के नाते उसे आचरण करना है, जानते हुए अवज्ञा इस आशय से या यह सम्भाव्य जानते हुए करेगा कि ऐसी अवज्ञा से वह किसी व्यक्ति को क्षति कारित करेगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

दृष्टांत
, जो एक आफिसर है, और न्यायालय द्वारा के पक्ष में दी गई डिक्री की तुष्टि के लिए निष्पादन में सम्पत्ति लेने के लिए विधि द्वारा निदेशित है, यह ज्ञान रखते हुए कि यह सम्भाव्य है कि तद्द्द्वारा वह को क्षति कारित करेगा, जानते हुए विधि के उस निदेश की अवज्ञा करता है । ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है ।
CLASSIFICATION OF OFFENCE
लोक सेवक, जो किसी व्यक्ति को क्षति कारित करने के आशय से विधि की अवज्ञा करता है एक वर्ष तक का साधारण कारावास या जुर्माना या दोनोंनॉन-कॉग्निजबलजमानती
विचारणीय - प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा कम्पाउंडबल अपराध की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है।

Indian Penal Code Section 166

Public servant disobeying law, with intent to cause injury to any person. -- Whoever, being a public servant, knowingly disobeys any direction of the law as to the way in which he is to conduct himself as such public servant, intending to cause, or knowing it to be likely that he will, by such disobedience, cause injury to any person, shall be punished with simple imprisonment for a term which may extend to one year, or with fine, or with both.

IIIustration:
A, being an officer directed by law to take property in execution, in order to satisfy a decree pronounced in Z's favour by a Court of Justice, knowingly disobeys that direction of law, with the knowledge that he is likely thereby to cause injury to Z. A has committed the offence defined in this section.
CLASSIFICATION OF OFFENCE
Public servant disobeying law, with intent to cause injury to any personSimple Imprisonment for may extend to one year or Fine or BothNon-CognizableBailable
Triable By - Magistrate First ClassOffence is NOT listed under Compoundable Offences
बलात्कार एक घृणित अपराध
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