IPC 146 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 146

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 146

बल्वा करना-- जब कभी विधिविरुद्ध जमाव द्वारा या उसके किसी सदस्य द्वारा ऐसे जमाव के सामान्य उद्देश्य को अग्रसर करने में बल या हिंसा का प्रयोग किया जाता है, तब ऐसे जमाव का हर सदस्य बल्वा करने के अपराध का दोषी होगा ।

Indian Penal Code Section 146

Rioting.-- Whenever force or violence is used by an unlawful assembly, or by any member thereof, in prosecution of the common object of such assembly, every member of such assembly is guilty of the offence of rioting.
जब भी कोई व्यक्ति, लोगों के गैर-क़ानूनी जमाव या समूह जोकि किसी गैर-क़ानूनी ढंग से अपनी मांग मनवाने के लिए एकत्रित हुआ है, का हिस्सा होता है और उस समूह द्वारा या उसके किसी सदस्य या सदस्यों द्वारा किसी प्रकार की हिंसा का या बल का प्रयोग किया जाता है जिससे जान-माल की हानि होती है तो यह बलवा या दंगा है और उस गैर-क़ानूनी समूह का हर भगीदार इस धारा से संबंधित दण्ड (जिसकी व्याख्या धारा 147 में की गई है) के लिए भागीदार होगा।

आई.पी.सी. की धारा 146 का मामला जो सुर्खियों में रहा :
1. हाल की ही घटना जो 25 अगस्त 2017 को बाबा राम रहीम को सजा होने के बाद पंचकूला और आस-पास के स्थानों में जो हिंसा हुई और जिसमे जान माल का भी नुक्सान हुआ। इन दंगों के स्थानीय पुलिस ने विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामले दर्ज किये जिसमे से एक धारा 146 भी थी। देखें: संदर्भ

JUDGMENTS-IPC 146

ध्यान दें: यहाँ पर ऊपर दिया गया उदाहरण केवल भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और किए गए अपराधों के तालमेल को समझने के लिए दिया गया है और इसी लिए उदाहरण को चर्चित समाचार के माध्यम से बताने की चेष्ठा की गई है। साक्ष्य के रूप में उन समाचारों के लिंक को उपर प्रस्तुत किया गया है जो उदाहरण के लिए प्रयोग किए गए है। अतः यह उदाहरण मन गढ़ंत नहीं है।
बलात्कार एक घृणित अपराध
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