IPC 137 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 137

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 137

मास्टर की उपेक्षा से किसी वाणिज्यिक जलयान पर छुपा हुआ अभित्याजक-- किसी ऐसे वाणिज्यिक जलयान का, जिस पर [भारत सरकार] की सेना, [नौसेना या वायुसेना] का कोई अभित्याजक छिपा हुआ हो, मास्टर या भारसाधक व्यक्ति, यद्यपि वे ऐसे छिपने के संबंध में अनभिज्ञ हो, ऐसी शास्ति से दंडनीय होगा जो पांच सौ रुपए से अधिक नहीं होगी, यदि उसे ऐसे छिपने का ज्ञान हो सकता था किंतु केवल इस कारण नहीं हुआ कि ऐसे मास्टर या भारसाधक व्यक्ति के नाते उसके कर्तव्य में कुछ उपेक्षा हुई, या उस जलयान पर अनुशासन का कुछ अभाव था ।
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
मास्टर की उपेक्षा से किसी वाणिज्यिक जलयान पर छुपा हुआ अभित्याजक.जुर्मनानॉन-कॉग्निजबलजमानती
विचारणीय - किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा कम्पाउंडबल अपराध की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है।

Indian Penal Code Section 137

Deserter concealed on board merchant vessel through negligence of master.-- The master or person in charge of a merchant vessel, on board of which any deserter from the Army, [Navy or Air Force] of the [Government of India] is concealed, shall, though ignorant of such concealment, be liable to a penalty not exceeding five hundred rupees, if he might have known of such concealment but for some neglect of his duty as such master or person in charge, or but for some want of discipline on board of the vessel.
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Deserter concealed on board merchant vessel through negligence of master.Fine.Non-CognizableBailable
Triable By - Any MagistrateOffence is NOT listed under Compoundable Offences
बलात्कार एक घृणित अपराध
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