IPC 128 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 128

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 128

लोक सेवक का स्वेच्छया राजकैदी या युद्धकैदी को निकल भागने देना-- जो कोई लोक सेवक होते हुए और किसी राजकैदी या युद्धकैदी को अभिरक्षा में रखते हुए, स्वेच्छया ऐसे कैदी को किसी ऐसे स्थान से जिसमें ऐसा कैदी परिरुद्ध है, निकल भागने देगा, वह 7[आजीवन कारावास] से या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
लोक सेवक का स्वेच्छया राजकैदी या युद्धकैदी को निकल भागने देना.उम्र कैद या सात वर्ष का कारावास और जुर्मनाकॉग्निजबल गैर-जमानती
विचारणीय - सेशन-कोर्ट द्वारा कम्पाउंडबल अपराध की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है।

Indian Penal Code Section 128

Public servant voluntarily allowing prisoner of state or war to escape.-- Whoever, being a public servant and having the custody of any State prisoner or prisoner of war, voluntarily allows such prisoner to escape from any place in which such prisoner is confined, shall be punished with [imprisonment for life], or imprisonment of either description for a term which may extend to ten years, and shall also be liable to fine.
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Public servant voluntarily allowing prisoner of state or war to escape.Imprisonment for Life or 10 Years and Fine.CognizableNon-Bailable
Triable By - Court of SessionOffence is NOT listed under Compoundable Offences
बलात्कार एक घृणित अपराध
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