RIGHT TO INFORMATION ACT, 2005 CHAPTER 6- सुचना का अधिकार अधिनियम, 2005 अध्याय 6 - Hindi

सुचना का अधिकार अधिनियम, 2005
अध्याय 6
प्रकीर्ण


21. सदभावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण  --
21
कोई वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही किसी भी ऐसी बात के बारे में, जो इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए किसी नियम के अधीन सदभावपूर्वक की गई है या की जाने के लिए आशयित है, किसी व्यक्ति के विरूद्ध न होगी।
22. अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव होना  --
22
इस अधिनियम के उपबंध, शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 (1923 का 19)और तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में या इस अधिनियम से अन्यथा किसी विधि के आधार पर प्रभाव रखने वाली किसी लिखत में, उससे असंगत किसी बात के होते हुए भी, प्रभावी होंगे।
23. न्यायालयों की अधिकारिता का वर्जन  --
23
कोई न्यायालय, इस अधिनियम के अधीन किए गए किसी आदेश के संबंध मे कोई वाद आवेदन या अन्य कार्यवाही ग्रहण नही करेगा और ऐसे किसी आदेश को, इस अधिनियम के अधीन किसी अपील के रूप में के सिवाए किसी रूप मे प्रश्नगत नही किया जाएगा।
24. अधिनियम का कतिपय संगठनों को लागू न होना--
241
इस अधिनियम में अंतर्विष्ट कोई बात, केन्द्रीय सरकार द्वारा स्थापित आसूचना और सूरक्षा संगठनों को, जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट है या ऐसे संगठनों द्वारा उसे सरकार को दी गई किसी सूचना को लागू नही होगी:

परन्तु भ्रष्टाचार और मानव अधिकारों के अतिक्रमण के अभिकथनों से संबंधित सूचना इस उपधारा के अधीन अपवर्जित नही की जाएगी:

परन्तु यह और कि यदि मांगी गई सूचना मानवाधिकारों के अतिक्रमण के अभिकथनों से संबंधित है तो सूचना केन्द्रीय सूचना आयोग के अनुमोदन के पश्चात ही दी जाएगी और धारा 7 में किसी बात के होते हुए भी, ऐसी सूचना अनुरोध की प्राप्ति के पैंतालीस दिन के भीतर दी जाएगी।
242
केन्द्रीय सरकार, राजपत्र मे किसी अधिसूचना द्वारा, अनुसूची का उस सरकार द्वारा स्थापित किसी अन्य आसूचना या सुरक्षा संगठनो को उसमें सम्मिलित करके या उसमें पहले से विनिर्दिष्ट किसी संगठन का उससे लोप करके, संशोधन कर सकेगी और ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन पर ऐसे संगठन को अनुसूचि में, यथास्थिति, सम्मिलित किया गया या उसका उससे लोप किया गया समझा जाएगा।
243
उपधारा (2) के अधीन जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी।
244
इस अधिनियम की कोई बात ऐसे आसूचना और सुरक्षा संगठनो को लागू नही होगी, जो राज्य सरकार द्वारा स्थापित ऐसे संगठन है, जिन्हे वह सरकार समय समय पर, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा,विनिर्दिष्ट करे:

परन्तु भ्रष्टाचार और मानव अधिकारो के अतिक्रमण के अभिकथनों से संबंधित सूचना इस उपधारा के अधीन अपवर्जित नहीं की जाएगी :

परन्तु यह और कि यदि मांगी गई सूचना मानव अधिकारो के अतिक्रमण अभिकथनों से संबंधित है तो सूचना राज्य सूचना आयोग के अनुमोदन के पश्चात ही दी जाएगी और धारा 7 में किसी बात के होते हुए भी, ऐसी सूचना अनुरोध की प्राप्ति के पैंतालीस दिनों के भीतर दी जाएगी।
245
उपधारा (4) के अधीन जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना राज्य विधान-मंडल के समक्ष रखी जाएगी।
25. मानीटर करना और रिपोर्ट करना  --
251
यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग, प्रत्येक वर्ष के अन्त के पश्चात, यथासाध्यशीघ्रता से उसे वर्ष के दौरान इस अधिनियम के उपबंधो के कार्यान्वयन के संबंध मे एक रिपोर्ट तैयार करेगा और उसकी एक प्रति समुचित सरकार को भेजेगा।
252
प्रत्येक मंत्रालय या विभाग, अपनी अधिकारिता के भीतर लोक प्राधिकारियों के संबंध मे, ऐसी सूचना एकत्रित करेगा और उसे,यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग को उपलब्ध कराएगा, जो इस धारा के अधीन रिपोर्ट तैयार करने के लिए अपैक्षित है और इस धारा के प्रयोजनो के लिए, उस सूचनो को देने तथा अभिलेख रखने से संबंधित अपेक्षाओं का पालन करेगा।
253
प्रत्येक रिपोर्ट मे, उस वर्ष के संबंध मे, जिसमे रिपोर्ट संबंधित हैं निम्नलिखित के बारे में कथन होगा—
253
प्रत्येक लोक प्राधिकारी से किए गए अनुरोधो की संख्या;
253
ऐसे विनिश्चयो की संख्या, जहां आवेदक अनुरोधो के अनुसरण में दस्तावेजो तक पहुंच के लिए हकदार नही थे, इस अधिनियम के वे उपबंध, जिनके अधीन ये विनिश्चय किए गए थे और ऐसे समयों की संख्या, जब ऐसे उपबंधो का अवलंब लिया गया था;
253
पुनर्विलोकन के लिए, यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग को निर्दिष्ट की गई अपीलो की संख्या, अपीलो की प्रकृति और अपीलो के निष्कर्ष;
253
इस अधिनियम के प्रशासन के संबंध मे किसी अधिकारी के विरूद्ध की गई अनुशासनिक कार्रवाई की विशिष्टियां;
253
इस अधिनियम के अधीन प्रत्येक लोक प्राधिकारी द्वारा एकत्रित की गई प्रभारो की रकम;
253
कोई ऐसे तथ्य, जो इस अधिनियम की भावना और आशय को प्रशासित और कार्यान्वित करने के लिए लोक प्राधिकारियों के किसी प्रयास को उपदर्शित करते हैं;
253
सुधार के लिए सिफारिशें, जिनके अंतर्गत इस अधिनियम या अन्य विधान या सामान्य विधि के विकास, समुन्नति, आधुनिकीकरण, सुधार या संशोधन के लिए विशिष्ट लोक प्राधिकारियों के संबंध में सिफारिशें या सूचना तक पहुंच के अधिकार को प्रवर्तनशील बनाने से सुसंगत कोई अन्य विषय भी हैं।
254
यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष के अन्त के पश्चात यथासाध्यशीघ्रता से उपधारा(1) मे निर्दिष्ट, यथास्थिति यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग की रिपोर्ट की एक प्रति संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष या जहां राज्य विधान मंडल के दो सदन हैं वहां प्रत्येक सदन के समक्ष और जहां राज्य विधान-मंडल का एक सदन है वहां उस सदन के समक्ष रखवाएगी।
255
यदि केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग को ऐसा प्रतीत होता है कि इस अधिनियम के अधीन अपने कृत्यो का प्रयोग करने के संबंध मे किसी लोक प्राधिकारी की पद्धति इस अधिनियम के उपबंधो या भावना के अनुरूप नही हैं तो वह प्राधिकारी को ऐसे उपाय विनिर्दिष्ट करते हुए, जो उसकी राय में ऐसी अनुरूपता को बढाने के लिए किए जाने चाहिएं, सिफारिश कर सकेगा।
26. समुचित सरकार द्वारा कार्यक्रम तैयार किया जाना  --
261
समुचित सरकार, वित्तीय और अन्य संसाधनों की उपलब्धता की सीमा तक—
261
जनता की, विशेष रूप से, उपेक्षित समुदायो की इस बारे में समझ की, वृद्धि करने के लिए कि इस अधिनियम के अधीन अनुध्यात अधिकारों का प्रयोग कैसे किया जाए शैक्षिक कार्यक्रम बना सकेगी और आयोजित कर सकेगी;
261
लोक प्राधिकारियों को खंड (क) मे निर्दिष्ट कार्यक्रमों को बनाने और उनके आयोजन में भाग लेने और ऐसे कार्यक्रमों का स्वयं जिम्मा लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकेगी;
261
लोक प्राधिकारियों द्वारा उनके क्रियाकलापों के बारे मे सही जानकारी का समय से और प्रभावी रूप में प्रसारित किये जाने को बढावा दे सकेगी;
261
लोक प्राधिकरणों के, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारीयों या राज्य सूचना अधिकारियों को प्रशिक्षित कर सकेगी और लोक प्राधिकरणों द्वारा स्वयं के उपयोग के लिए सुसंगत प्रशिक्षण सामग्रियों का उत्पादन कर सकेगी।
262
समुचित सरकार, इस अधिनियम के प्रारंभ से अठारह मास के भीतर, अपनी राजभाषा में, सहज व्यापक रूप और रीति से ऐसी सूचना वाली एक मार्गदर्शिका संकलित करेगी, जिसकी ऐसे किसी व्यक्ति द्वारा युक्तियुक्त रूप में अपेक्षा की जाए, जो अधिनियम मे विनिर्दिष्ट किसी अधिकार का प्रयोग करना चाहता है।
263
समुचित सरकार, यदि आवश्यक हो तो, उपधारा (2) में निर्दिष्ट मार्गदर्शी सिद्धातों को नियमित अंतरालों पर अद्यतन और प्रकाशित करेगी, जिनमे विशिष्टतया और उपधारा (2) की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना निम्नलिखित सम्मिलित होगा
263
इस अधिनियम के उद्देश्य;
263
धारा 5 की उपधारा (1) के अधीन नियुक्त प्रत्येक लोक प्राधिकरण के, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी का डाक का पता, और गली का पता, फोन और फैक्स नंबर और यदि उपलब्ध हो तो उसका इलैक्ट्रानिक डाक पता;
263
वह रीति और प्ररूप, जिसमे, यथास्थिति, किसी केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी से किसी सूचना तक पहुंच का अनुरोध किया जाएगा;
263
इस अधिनियम के अधीन लोक प्राधिकरण के, यथास्थिति, किसी केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी से उपलब्ध सहायता और उसके कर्तव्य;
263
यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग से उपलब्ध सहायता;
263
इस अधिनियम द्वारा प्रदत्त या अधिरोपित किसी अधिकार या कर्तव्य के संबंध मे कोई कार्य करने या करने मे असफल रहने के बारे में विधि में उपलब्ध सभी उपचार जिनके अंतर्गत आयोग को अपील फाइल करने की रीति भी है;
263
धारा 4 के अनुसार अभिलेखो के प्रवर्गो के स्वैच्छिक प्रकटन के लिए प्रावधान करने वाले उपबंध;
263
किसी सूचना तक पहुंच के लिए अनुरोधो के संबंध मे संदत्त की जाने वाली फीसो से संबंधित सूचनाएं; और
263
इस अधिनियम के अनुसार किसी सूचना तक पहुंच प्राप्त करने के संबंध में बनाए गए या जारी किए गए कोई अतिरिक्त विनियम या परिपत्र।
264
समुचित सरकार को, यदि आवश्यक हो, नियमित अंतरालों पर मार्गदर्शी सिद्धांतों को अद्यतन और प्रकाशित करना चाहिए।
27. नियम बनाने की समुचित सरकार की शक्ति  --
271
समुचित सरकार, इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियम बना सकेगी।
272
विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापक्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऎसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी विषय के लिए उपबंध कर सकेंगे, अर्थात:-
272
धारा 4 की उपधारा (4) के अधीन प्रसारित की जाने वाली सामग्रियों के माध्यम की लागत या प्रिन्ट लागत मूल्य;
272
धारा 6 की उपधारा (1) के अधीन संदेय फीस
272
धारा 7 की उपधारा (1) और उपधारा (5) के अधीन संदेय फीस
272
धारा 13 की उपधारा (6) और धारा 16 की उपधारा (6) के अधीन अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को संदेय वेतन और भत्ते तथा उनकी सेवा के निबंधन और शर्तें;
272
धारा 19 की उपधारा (10) के अधीन अपीलों का विनिश्चय करते समय, यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया ;
272
कोई अन्य विषय, जो विहित किए जाने के लिए अपेक्षित हो या विहित किया जाए ।
28. नियम बनाने की सक्षम प्राधिकारी की शक्ति  --
281
सक्षम प्राधिकारी, इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए राज पत्र में अधिसूचना द्वारा नियम बना सकेगा ।
282
विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापक्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऎसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी विषय के लिए उपबंध कर सकेंगे, अर्थात:-
282 i
धारा 4 की उपधारा 4 के अधीन प्रसारित की जाने वाली सामग्रियों के माध्यम की लागत या प्रिन्ट लागत मूल्य;
282 ii
धारा 6 की उपधारा (1) के अधीन संदेय फीस;
282 iii
धारा 7 की उपधारा (1) के अधीन संदेय फीस; और
282 iv
कोई अन्य विषय जो विहित किए जाने के लिए आपेक्षित हो या विहित किया जाए।
29. नियमों का रखा जाना  --
291
इस अधिनियम के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के पश्चात यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह ऎसी कुल तीस दिन की अवधि के लिए सत्र में हो, जो एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमित सत्रों में पूरी हो सकती है रखा जाएगा और यदि उस सत्र के या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन उस नियम में कोई परिवर्तन करने के लिए सहमत हो जाएं या दोनो सदन इस बात से सहमत हो जाएं कि ऎसा नियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो ऎसा नियम तत्पश्चात यथास्थिति, केवल ऎसे उपांतरित रुप में ही प्रभावी होगा या उसका कोई प्रभाव नही होगा तथापि, उस नियम के ऎसे उपांतरित या निष्प्रभाव होने से उसके अधीन पहले से की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पडेगा ।
292
इस अधिनियम के अधीन किसी राज्य सरकार द्वारा बनाया प्रत्येक नियम अधिसूचित किए जाने के पश्चात, यथाशीघ्र, राज्य विधान-मंडल के समक्ष रखा जाएगा।
30. कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति  --
301
यदि इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उतपन्न होति है तो केन्द्रीय सरकार राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा ऎसे उपबंध बना सकेगी, जो इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हों, जो उसे कठिनाई को दूर करने के लिए आवश्यक और समीचीन प्रतीत होते हों :

परन्तु कोई ऎसा आदेश इस अधिनियम के प्रारंभ से दो वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात नही किया जाएगा ।
302
इस धारा के अधीन किया प्रत्येक आदेश, किए जाने के पश्चात, यथाशीघ्र, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाएगा।
31. निरसन  --
31
सूचना स्वातंत्र्य अधिनियम, 2002 (2003 का 5)इसके द्वारा निरसित किया जाता है ।

पहली अनुसूची
[ धारा 13(3) और धारा 16(3) देखिए ]
मुख्य सूचना आयुक्त/सूचना आयुक्त/राज्य मुख्य सूचना आयुक्त/राज्य सूचना आयुक्त द्वारा ली जाने वाली शपथ या किए जाने वाले प्रतिज्ञान का प्ररूप 

“मैं_______________ जो मुख्य सूचना आयुक्त/सूचना आयुक्त/राज्य मुख्य सूचना आयुक्त/राज्य सूचना आयुक्त नियुक्त हुआ हूँ, ईश्वर की शपथ लेता हूँ/सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान लेता हूँ कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा, मैं भारत की प्रभुता और अखंडता अक्षुण्ण रखूंगा तथा मैं सम्यक प्रकार से और श्रद्धापूर्वक तथा अपनी पूरी योग्यता, ज्ञान और विवेक से अपने पद के कर्तव्यों का भय या पक्षपात, अनुराग या द्वेष के बिना पालन करूंगा तथा मैं संविधान और विधियों की मर्यादा बनाए रखूंगा।”

दूसरी अनुसूची
(धारा 24 देखिए)
केन्द्रीय सरकार द्वारा स्थापित आसूचना और सुरक्षा संगठन

1. आसूचना ब्यूरो।
2. मंत्रिमंडल सचिवालय के अनुसंधान और विश्लेषण खंड।
3. राजस्व आसूचना निदेशालय।
4. केन्द्रीय आर्थिक आसूचना ब्यूरो।
5. प्रवर्तन निदेशालय।
6. स्वापक नियंत्रण ब्यरो।
7. वैमानिक अनुसंधान केन्द्र।
8. विशेष सीमान्त बल।
9. सीमा सुरक्षा बल।
10. केन्द्रीय आरक्षित पुलिस बल।
11. भारत-तिब्बत सीमा बल।
12. केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल।
13. राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड।
14. असम राइफल्स।
15. सशस्त्र सीमा बल।
16. आय-कर महानिदेशालय (अन्वेषण)।
17. राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन।
18. वित्तीय आसूचना यूनिट, भारत।
19. विशेष संरक्षा ग्रुप।
20. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन।
21. सीमा सड़क विकास बोर्ड।
22. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय।

अध्याय 5

THE RIGHT TO INFORMATION ACT, 2005
CHAPTER VI
Miscellaneous


21. Protection of action taken in good faith. --
21
No suit, prosecution or other legal proceeding shall lie against any person for anything which is in good faith done or intended to be done under this Act or any rule made thereunder.
22. Act to have overriding effect. --
22
The provisions of this Act shall have effect notwithstanding anything inconsistent therewith contained in the Official Secrets Act, 1923, and any other law for the time being in force or in any instrument having effect by virtue of any law other than this Act.
23. Bar of jurisdiction of courts. --
23
No court shall entertain any suit, application or other proceeding in respect of any order made under this Act and no such order shall be called in question otherwise than by way of an appeal under this Act.
24. Act not to apply in certain organisations. --
241
Nothing contained in this Act shall apply to the intelligence and security organisations specified in the Second Schedule, being organisations established by the Central Government or any information furnished by such organisations to that Government:
Provided that the information pertaining to the allegations of corruption and human rights violations shall not be excluded under this sub-section:
Provided further that in the case of information sought for is in respect of allegations of violation of human rights, the information shall only be provided after the approval of the Central Information Commission, and notwithstanding anything contained in section 7, such information shall be provided within forty-five days from the date of the receipt of request.
242
The Central Government may, by notification in the Official Gazette, amend the Schedule by including therein any other intelligence or security organisation established by that Government or omitting therefrom any organisation already specified therein and on the publication of such notification, such organisation shall be deemed to be included in or, as the case may be, omitted from the Schedule.
243
Every notification issued under sub-section (2) shall be laid before each House of Parliament.
244
Nothing contained in this Act shall apply to such intelligence and security organisation being organisations established by the State Government, as that Government may, from time to time, by notification in the Official Gazette, specify:
Provided that the information pertaining to the allegations of corruption and human rights violations shall not be excluded under this sub-section:
Provided further that in the case of information sought for is in respect of allegations of violation of human rights, the information shall only be provided after the approval of the State Information Commission and, notwithstanding anything contained in section 7, such information shall be provided within forty-five days from the date of the receipt of request.
245
Every notification issued under sub-section (4) shall be laid before the State Legislature.
25. Monitoring and reporting. --
251
The Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, shall, as soon as practicable after the end of each year, prepare a report on the implementation of the provisions of this Act during that year and forward a copy thereof to the appropriate Government.
252
Each Ministry or Department shall, in relation to the public authorities within their jurisdiction, collect and provide such information to the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, as is required to prepare the report under this section and comply with the requirements concerning the furnishing of that information and keeping of records for the purposes of this section.
253
Each report shall state in respect of the year to which the report relates,—
253 a
the number of requests made to each public authority;
253 b
the number of decisions where applicants were not entitled to access to the documents pursuant to the requests, the provisions of this Act under which these decisions were made and the number of times such provisions were invoked;
253 c
the number of appeals referred to the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, for review, the nature of the appeals and the outcome of the appeals;
253 d
particulars of any disciplinary action taken against any officer in respect of the administration of this Act;
253 e
the amount of charges collected by each public authority under this Act;
253 f
any facts which indicate an effort by the public authorities to administer and implement the spirit and intention of this Act;
253 g
recommendations for reform, including recommendations in respect of the particular public authorities, for the development, improvement, modernisation, reform or amendment to this Act or other legislation or common law or any other matter relevant for operationalising the right to access information.
254
The Central Government or the State Government, as the case may be, may, as soon as practicable after the end of each year, cause a copy of the report of the Central Information Commission or the State Information Commission, as the case may be, referred to in sub-section (1) to be laid before each House of Parliament or, as the case may be, before each House of the State Legislature, where there are two Houses, and where there is one House of the State Legislature before that House.
255
If it appears to the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, that the practice of a public authority in relation to the exercise of its functions under this Act does not conform with the provisions or spirit of this Act, it may give to the authority a recommendation specifying the steps which ought in its opinion to be taken for promoting such conformity.
26. Appropriate Government to prepare programmes. --
261
The appropriate Government may, to the extent of availability of financial and other resources,—
261 a
develop and organise educational programmes to advance the understanding of the public, in particular of disadvantaged communities as to how to exercise the rights contemplated under this Act;
261 b
encourage public authorities to participate in the development and organisation of programmes referred to in clause (a) and to undertake such programmes themselves;
261 c
promote timely and effective dissemination of accurate information by public authorities about their activities; and
261 d
train Central Public Information Officers or State Public Information Officers, as the case may be, of public authorities and produce relevant training materials for use by the public authorities themselves.
262
The appropriate Government shall, within eighteen months from the commencement of this Act, compile in its official language a guide containing such information, in an easily comprehensible form and manner, as may reasonably be required by a person who wishes to exercise any right specified in this Act.
263
The appropriate Government shall, if necessary, update and publish the guidelines referred to in sub-section (2) at regular intervals which shall, in particular and without prejudice to the generality of sub-section (2), include—
263 a
the objects of this Act;
263 b
the postal and street address, the phone and fax number and, if available, electronic mail address of the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, of every public authority appointed under sub-section (1) of section 5;
263 c
the manner and the form in which request for access to an information shall be made to a Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be;
263 d
the assistance available from and the duties of the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, of a public authority under this Act;
263 e
the assistance available from the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be;
263 f
all remedies in law available regarding an act or failure to act in respect of a right or duty conferred or imposed by this Act including the manner of filing an appeal to the Commission;
263 g
the provisions providing for the voluntary disclosure of categories of records in accordance with section 4;
263 h
the notices regarding fees to be paid in relation to requests for access to an information; and
263 i
any additional regulations or circulars made or issued in relation to obtaining access to an information in accordance with this Act.
264
The appropriate Government must, if necessary, update and publish the guidelines at regular intervals.
27. Power to make rules by appropriate Government. --
271
The appropriate Government may, by notification in the Official Gazette, make rules to carry out the provisions of this Act.
272
In particular, and without prejudice to the generality of the foregoing power, such rules may provide for all or any of the following matters, namely:—
272 a
the cost of the medium or print cost price of the materials to be disseminated under sub-section (4) of section 4;
272 b
the fee payable under sub-section (1) of section 6;
272 c
the fee payable under sub-sections (1) and (5) of section 7;
272 d
the salaries and allowances payable to and the terms and conditions of service of the officers and other employees under sub-section (6) of section 13 and sub-section (6) of section 16;
272 e
the procedure to be adopted by the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, in deciding the appeals under sub-section (10) of section 19; and
272 f
any other matter which is required to be, or may be, prescribed.
28. Power to make rules by competent authority. --
281
The competent authority may, by notification in the Official Gazette, make rules to carry out the provisions of this Act.
282
In particular, and without prejudice to the generality of the foregoing power, such rules may provide for all or any of the following matters, namely:—
282 i
the cost of the medium or print cost price of the materials to be disseminated under sub-section (4) of section 4;
282 ii
the fee payable under sub-section (1) of section 6;
282 iii
the fee payable under sub-section (1) of section 7; and
282 iv
any other matter which is required to be, or may be, prescribed.
29. Laying of rules. --
291
Every rule made by the Central Government under this Act shall be laid, as soon as may be after it is made, before each House of Parliament, while it is in session, for a total period of thirty days which may be comprised in one session or in two or more successive sessions, and if, before the expiry of the session immediately following the session or the successive sessions aforesaid, both Houses agree in making any modification in the rule or both Houses agree that the rule should not be made, the rule shall thereafter have effect only in such modified form or be of no effect, as the case may be; so, however, that any such modification or annulment shall be without prejudice to the validity of anything previously done under that rule.
292
Every rule made under this Act by a State Government shall be laid, as soon as may be after it is notified, before the State Legislature.
30. Power to remove difficulties. --
301
If any difficulty arises in giving effect to the provisions of this Act, the Central Government may, by order published in the Official Gazette, make such provisions not inconsistent with the provisions of this Act as appear to it to be necessary or expedient for removal of the difficulty:
Provided that no such order shall be made after the expiry of a period of two years from the date of the commencement of this Act.
302
Every order made under this section shall, as soon as may be after it is made, be laid before each House of Parliament.
31. Repeal. --
31
THE FIRST SCHEDULE[See sections 13(3) and 16(3)]
Form of oath or affirmation to be made by the Chief Information Commissioner/the Information Commissioner/the State Chief Information Commissioner/the State Information Commissioner
"I, ....................., having been appointed Chief Information Commissioner/Information Commissioner/State Chief Information Commissioner/State Information Commissioner swear in the name of Godsolemnly affirm that I will bear true faith and allegiance to the Constitution of India as by law established, that I will uphold the sovereignty and integrity of India, that I will duly and faithfully and to the best of my ability, knowledge and judgment perform the duties of my office without fear or favour, affection or ill-will and that I will uphold the Constitution and the laws.".


THE SECOND SCHEDULE
(See section 24)
Intelligence and security organisation established by the Central Government
1. Intelligence Bureau.
2. Research and Analysis Wing of the Cabinet Secretariat.
3. Directorate of Revenue Intelligence.
4. Central Economic Intelligence Bureau.
5. Directorate of Enforcement.
6. Narcotics Control Bureau.
7. Aviation Research Centre.
8. Special Frontier Force.
9. Border Security Force.
10. Central Reserve Police Force.
11. Indo-Tibetan Border Police.
12. Central Industrial Security Force.
13. National Security Guards.
14. Assam Rifles.
15. Special Service Bureau.
16. Special Branch (CID), Andaman and Nicobar.
17. The Crime Branch-C.I.D.- CB, Dadra and Nagar Haveli.
18. Special Branch, Lakshadweep Police.

CHAPTER 5






बलात्कार एक घृणित अपराध
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