Indian Penal Code Section 485 - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 485 - Hindi

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 485

सम्पत्ति-चिह्न के कूटकरण के लिए कोई उपकरण बनाना या उस पर कब्जा -- जो कोई सम्पत्ति- चिह्न के कूटकरण के प्रयोजन से कोई डाई, पट्टी या अन्य उपकरण बनाएगा या अपने कब्जे में रखेगा, अथवा यह द्योतन करने के प्रयोजन से कि कोई माल ऐसे व्यक्ति का है, जिसका वह नहीं है, किसी सम्पत्ति- चिह्न को अपने कब्जे में रखेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।

CLASSIFICATION OF OFFENCE
सम्पत्ति-चिह्न के कूटकरण के लिए कोई उपकरण बनाना या उस पर कब्जा। तीन वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों।असंज्ञेय या नॉन-काग्निज़बलजमानती
विचारणीय : प्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा कम्पाउंडबल अपराध की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है।

Indian Penal Code Section 485

Making or possession of any instrument for counterfeiting a property mark. -- Whoever makes or has in his possession any die, plate or other instrument for the purpose of counterfeiting a proper mark, or has in his possession a property mark for the purpose of denoting that any goods belong to a person to whom they do not belong, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to three years, or with fine, or with both.

CLASSIFICATION OF OFFENCE
Making or possession of any instrument for counterfeiting a property mark.Imprisonment may extend to Three Years or Fine or Both.Non-CognizableBailable
Triable By: Any MagistrateOffence is NOT listed under Compoundable Offences


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