Indian Penal Code Section 455 - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 455 - Hindi

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 455

उपहति, हमले या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात प्रच्छन्न गृह-अतिचार या गृह-भेदन -- जो कोई किसी व्यक्ति को उपहति कारित करने की या किसी व्यक्ति पर हमला करने की या किसी व्यक्ति का सदोष अवरोध करने की अथवा किसी व्यक्ति को उपहति के, या हमले के, या सदोष अवरोध के भय में डालने की तैयारी करके, प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
CLASSIFICATION OF OFFENCE
उपहति, हमले या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात प्रच्छन्न गृह-अतिचार या गृह-भेदन। दस वर्ष तक का कारावास और जुर्माना। संज्ञेय या काग्निज़बलगैर-जमानती
विचारणीय :प्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा।  कम्पाउंडबल अपराध कि सूचि में सूचिबद्ध नही है

Indian Penal Code Section 455

Lurking house-trespass or house-breaking after preparation for hurt, assault or wrongful restraint. -- Whoever commits lurking house-trespass, or house-breaking, having made preparation for causing hurt to any person, or for assaulting any person, or for wrongfully restraining any person, or for putting any person in fear of hurt or of assault or of wrongful restraint, shall be punished with imprisonment of either description or a term which may extend to ten years, and shall also be liable to fine.

CLASSIFICATION OF OFFENCE
Lurking house-trespass or house-breaking after preparation for hurt, assault or wrongful restraint.Imprisonment for Ten Years and Fine.CognizableNon-Bailable
Triable By:  Magistrate First Class Offence is NOT listed under Compoundable Offences


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