IPC 454 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 454

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 454

कारावास से दंडनीय अपराध करने के लिए प्रच्छन्न गृह-अतिचार या गृह-भेदन-- जो कोई कारावास से दंडनीय अपराध करने के लिए प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा, तथा यदि वह अपराध, जिसका किया जाना आशयित हो, चोरी हो, तो कारावास की अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी ।
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
1. कारावास से दंडनीय अपराध करने के लिए प्रच्छन्न गृह-अतिचार या गृह-भेदन।

2. अपराध, जिसका किया जाना आशयित हो, चोरी हो, तो। 
1. तीन वर्ष तक का कारावास और जुर्माना।

2. दस वर्ष तक का कारावास और जुर्माना। 
संज्ञेय या काग्निज़बलगैर-जमानती
विचारणीय : 1. किसी भी मेजिस्ट्रेट द्वारा।

2. प्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा। 
कम्पाउंडबल अपराध कि सूचि में सूचिबद्ध नही है

Indian Penal Code Section 454

Lurking house-trespass or house-breaking in order to commit offence punishable with imprisonment. -- Whoever commits lurking house-trespass or house-breaking, in order to the committing of any offence punishable with imprisonment, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to three years, and shall also be liable to fine; and if the offence intended to be committed is theft, the term of the imprisonment may be extended to ten years.
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
1. Lurking house-trespass or house-breaking in order to commit offence punishable with imprisonment.

2. Offence intended to be committed is theft.

1. Imprisonment for Three Years and Fine.

2. Imprisonment for Ten Years and Fine.
CognizableNon-Bailable
Triable By: 1.  Any Magistrate

2. Magistrate First Class
Offence is NOT listed under Compoundable Offences
बलात्कार एक घृणित अपराध
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