Indian Penal Code Section 338 - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 338 - Hindi

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 338

ऐसे कार्य द्वारा घोर उपहति कारित करना जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाए --  जो कोई ऐसे  उपेक्षा से कोई कार्य करने द्वारा, जिससे  मानव जीवन या दूसरों का वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाए, किसी व्यक्ति को घोर उपहति कारित करेगा, वह दोनों में से  किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

CLASSIFICATION OF OFFENCE
ऐसे कार्य द्वारा घोर उपहति कारित करना जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाएदो वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों संज्ञेय या काग्निज़बलजमानती
विचारणीय : किसी भी मेजिस्ट्रेट द्वारा न्यायालय की अनुमति से यह अपराध कंपाउंडबल है, उस व्यक्ति द्वारा जिसे क्षति हुई है।

Indian Penal Code Section 338

Causing grievous hurt by act endangering life or personal safety of others.-- Whoever causes grievous hurt to any person by doing
any act so rashly or negligently as to endanger human life, or the personal safety of others, shall be punished with imprisonment of
either description for a term which may extend to two years, or with fine which may extend to one thousand rupees, or with both.

CLASSIFICATION OF OFFENCE
Causing grievous hurt by act endangering life or personal safety of othersImprisonment for two years or fine or both CognizableBailable
Triable By: Any Magistrate Compoundable by The person to whom the hurt is caused, with the permission of the Court




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