IPC 501 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 501

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 501

मानहानिकारक जानी हुई बात को मुद्रित या उत्कीर्ण करना-- जो कोई किसी बात को यह जानते हुए या विश्वास करने का अच्छा कारण रखते हुए कि ऐसी बात किसी व्यक्ति के लिए मानहानिकारक है, मुद्रित करेगा, य उत्कीर्ण करेगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनो से, दण्डित किया जाएगा ।
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
मानहानिकारक जानी हुई बात को मुद्रित या उत्कीर्ण करनादो वर्ष का साधारण कारावास या जुर्माना या दोनों असंज्ञेय या नॉन-काग्निज़बलजमानती
विचारणीय :सेशन कोर्ट या प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा यह अपराध अपमानित व्यक्ति द्वारा कंपाउंडबल है

Indian Penal Code Section 501

Printing or engraving matter known to be defamatory.-- Whoever prints or engraves any matter, knowing or having good reason to believe that such matter is defamatory of any person, shall be punished with simple imprisonment for a term which may extend to two years, or with fine, or with both.
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Printing or engraving matter known to be defamatory.Simple Imprisonment for Two Years or Fine or Both Non-CognizableBailable
Triable By: Session Court or Magistrate First Class; Offence is Compoundable By Defamed Person
बलात्कार एक घृणित अपराध
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