IPC 440 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 440

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 440

मृत्यु या उपहति कारित करने की तैयारी के पश्चात की गई रिष्टि-- जो कोई किसी व्यक्ति को मृत्यु या उसे उपहति या उसका संदोष अवरोध कारित करने की अथवा मृत्यु का, या उपहति का, या सदोष अवरोध का भय कारित करने की, तैयारी करके रिष्टि करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
मृत्यु या उपहति कारित करने की तैयारी के पश्चात की गई रिष्टिपांच वर्ष का कारावास और जुर्मानासंज्ञेय या काग्निज़बलजमानती
विचारणीय : प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा यह अपराध कंपाउंडबल अपराधों की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है

Indian Penal Code Section 440

Mischief committed after preparation made for causing death or hurt.-- Whoever commits mischief, having made preparation for causing to any person death, or hurt, or wrongful restraint, or fear of death, or hurt, or of wrongful restraint, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to five years, and shall also be liable to fine.
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Mischief committed after preparation made for causing death or hurt.Imprisonment for Five years and FineCognizableBailable
Triable By: Magistrate First Class; Offence is NOT listed under Compoundable Offences

Get All The Latest Updates Delivered Straight Into Your Inbox For Free!

Powered by FeedBurner

Popular Posts