Indian Penal Code Section 421 - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 421

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 421

लेनदारों में वितरण निवारित करने के लिए सम्पति का बेईमानी से या कपटपूर्वक अपसारण या छिपाना -- जो कोई किसी सम्पति का अपने लेनदारों या किसी अन्य व्यक्ति के लेनदारों के बीच विधि के अनुसार वितरित किया जाना तदद्वारा निवारित करने के आशय से, या तदद्वारा संभाव्यतः निवारित करेगा यह जानते हुए उस सम्पति को बेईमानी से या कपटपूर्वक अपसारित करेगा या छिपाएगा या किसी व्यक्ति को परिदत्त करेगा या पर्याप्त प्रतिफल के बिना किसी व्यक्ति को अंतरित करेगा या कराएगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

Indian Penal Code Section 421

Dishonest or fraudulent removal or concealment of property to prevent distribution among creditors.-- Whoever dishonestly or fraudulently removes, conceals or delivers to any person, or transfers or causes to be transferred to any person, without adequate consideration, any property, intending thereby to prevent, or knowing it to be likely that he will thereby prevent the distribution of that property according to law among his creditors or the creditors of any other person, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to two years, or with fine, or with both.






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