IPC 296 in Hindi - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 296

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 296

धार्मिक जमाव में विध्न करना--- जो कोई धार्मिक उपासना या धार्मिक संस्कारो में वैध रूप से लगे हुए किसी जमाव में स्वचेछया विध्न कारित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
धार्मिक जमाव में विध्न करनाएक वर्ष का कारावास या जुर्माना या दोनोंसंज्ञेय या काग्निज़बलजमानती
विचारणीय : किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा यह अपराध कंपाउंडबल अपराधों की सूचि में सूचीबद्ध नहीं है

Indian Penal Code Section 296

Disturbing religious assembly.-- Whoever voluntarily causes disturbance to any assembly lawfully engaged in the performance of religious worship, or religious ceremonies, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to one year, or with fine, or with both.
PUNISHMENT & CLASSIFICATION OF OFFENCE
Disturbing religious assembly.Imprisonment for One years or Fine or Both CognizableBailable
Triable By: Any Magistrate Offence is NOT listed under Compoundable Offences

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