Indian Penal Code Section 272 - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 272 - Hindi - Adulteration of food or drink intended for sale

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 272

विक्रय के लिए आशयित खाध या पेय का अपमिश्रण -- जो कोई किसी खाने या पीने की वस्तु को इस आशय से कि वह ऐसी वस्तु के खाध या पेय के रूप में बेचे या यह संभाव्य जानते हुए कि वह खाध या पेय के रूप में बेची जाएगी, ऐसे अपमिश्रित करेगा कि ऐसी वस्तु खाध या पेय के रूप में बेचे या यह संभाव्य जानते हुए कि वह खाध या पेय के रूप में बेचीं जाएगी, ऐसे अपमिश्रित करेगा कि ऐसी वस्तु खाध या पेय के रूप में अपायकर बन जाए वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

CLASSIFICATION OF OFFENCE
विक्रय के लिए आशयित खाध या पेय का अपमिश्रणछह मास तक का कारावास या जुर्माना या दोनोंअसंज्ञेय या नॉन-काग्निज़बलजमानती
विचारणीय : किसी भी मेजिस्ट्रेट द्वारा कंपाउंडबल अपराध की सुचि में सूचीबद्ध नहीं है।

Indian Penal Code Section 272

Adulteration of food or drink intended for sale.-- Whoever adulterates any article of food or drink, so as to make such article noxious as food or drink, intending to sell such article as food or drink, or knowing it to be likely that the same will be sold as food or drink, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to six months, or with fine which may extend to one thousand rupees, or with both.

CLASSIFICATION OF OFFENCE
Adulteration of food or drink intended for sale.Imprisonment may extend to six months or Fine or BothNon-CognizableBailable
Triable by: Any Magistrate Offence is NOT listed under Compoundable Offences



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