DENA BANK - देना बैंक

देना बैंक की स्थापना श्री देवकरण नानजी  के परिवार द्वारा  26 मई , 1938  को देवकरण नानजी बैंकिंग कंपनी लिमिटेड के नाम से की गई थी  और दिसम्बर 1939 में इसे पब्लिक लिमिटेड घोषित कर दिया गया था ओर बाद में इसका नाम देना बैंक रख दिया गया । जुलाई 1969  में  देना बैंक लिमिटेड को तेरह और प्रमुख बैंको के साथ राष्ट्रीकृत बैंक की श्रेणी में समिलित कर लिया गया ।

उपलब्धिया:
  • देना बैंक उन छह सार्वजनिक बैंको में से एक है, जो  "टीअर -II  कैपिटल अंडर फाइनेंसियल सेक्टर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट" के विकास व वृद्धि के लिए 1995 में  72 .3  करोड़ रूपए की वर्ड बैंक द्वारा ऋण की मंजूरी के लिये   चुना गया था । 
  •  देना बैंक उन कुछ बैंको में से एक बैंक है जो वर्ड बैंक से  "प्रौद्योगिकीय उन्नयन व प्रशिक्षण" के लिए  ऋण ने के लिए अधिकृत है । 
  • देना बैंक ने नवम्बर 1996 में रूपए 92.13 करोड़ का बांड इशू  का प्रमोचन किया था । 
  • देना बैंक ने नवम्बर 1996 में 180 करोड़ रुपए का प्रथम पब्लिक इशू जारी किया था । 
  • कुछ चुने हुए महानगर केन्द्रों में टेली बैंकिंग की सुविधा को प्रस्तावित किया ।

देना बैंक पहला बैंक था जिसने इन सेवाओं प्रारम्भ किया था :
  • नाबालिगों के लिये बचत योजना । 
  • ग्रामीण भारत में  "देना कृषि साख पत्र (DKSP)" के नाम से क्रेडिट कार्ड सेवा । 
  • मुम्बई के जुहू क्षेत्र में "ड्राइव इन ए टी एम सेवा काउंटर " । 
  • मुम्बई की कुछ चुनी हुई शाखाओं में स्मार्ट कार्ड सेवा । 
  • बैंक की सेवा की रेटिंग के लिये कस्टमर रेटिंग प्रणाली इत्यादि सेवाय । 
इस लेख का हिंदी अनुवाद देना बैंक की वेबसाइट ले लिया गया है । इसे इंग्लिश में पढ़ने के लिए यहाँ Dena bank क्लिक करें । 

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