IPC 379 - News - आईपीसी की धारा 379 - समाचार - Hindi

IPC 379 - News - आईपीसी की धारा 379 - समाचार - Hindi

यदि कोई भी किसी के कब्जे की चल-सम्पत्ति को बेईमानी के भाव के साथ, उसकी आज्ञा के बिना उठाता, हिलाता, हटाता, चलाता, खिसकाता है या उसका स्थान परिवर्तन करता है तो ऐसा माना जाएगा कि वो चोरी करता है। "चोरी" के अपराध को आईपीसी की धारा 378 में परिभाषित किया गया है। चोरी की परिभाषा के साथ-साथ कुछ उदारण भी दिए गए है जिनमे से कुछ सरल रूप से प्रस्तुत कर रहें है।
1. क के घर पर एक वृक्ष लगा है, जोकि उसके अधिकार क्षेत्र में आता है। उस पेड़ को बेईमानी से लेने के उद्देश्य से, की सम्मति के बिना उस वृक्ष को काट डालता है। जैसे ही ने उस वृक्ष को काट कर जड़ से अलग किया, यहीं पर इसे चोरी कहा जाएगा।
2. क के पास कुत्ता है, उस कुत्ते को बेईमानी से लेने के उदेश्य से की सम्मति के बिना, के कुत्ते को किसी ललचाने वाली वस्तु से अपने पीछे आने के लिए उत्प्रेरित करता है, जैसे ही कुत्ते ने के पीछे चलना प्रारम्भ किया, ऐसे ही ने चोरी की, ऐसा माना जाएगा।
3. , जो का ड्राइवर है जिसे ने अपनी कार चलाने व् रखरखाव के लिए दी है, की सम्मति के बिना बेईमानी के उद्देश्य के साथ कार ले कर भाग जाता है। तो यहाँ ने चोरी की है।
यहां उदहारण को सरल बनाने के लिए दो चरित्रों को और के नाम से दर्शाया गया है।
उपर दिए गए उधारणों से स्पष्ट है की जैसे ही कोई बेईमानी के उद्देश्य से किसी की चल-संपत्ति को उठाता, हिलाता, हटाता, चलाता, खिसकाता है या उसका स्थान परिवर्तन करता है वैसे ही यह अपराध चोरी की परिभाषा में आ जाता है।
यह अपराध संज्ञेय है, इसलिए पुलिस को शिकायत मिलने पर पुलिस इसका संज्ञान तुरंत ले सकती है और गैर-जमानती होने के कारण आरोपी को जमानत कोर्ट से ही मिलेगी। आरोपी पर आरोप सिद्ध होने पर उसको तीन वर्ष तक की कारावास और जुर्माने का दंड भुगतना पड़ सकता है। यह अपराध समझौतावादी है, अथार्त आरोपी और शिकायतकर्ती सम्पत्ति का मालिक अगर चाहे तो आपस में समझौता कर सकते है।
इस धारा से संबंधित कुछ संक्षिप्त समाचार नीचे दिए गए है जिनको पढ़ने के बाद आप इस धारा की प्रकृति को भली प्रकार से समझ पाएंगे। ( अपराध और उस पर लगने वाली धारा को लाल रंग में दर्शाया गया है। )
धारा 379 से जुड़े समाचार:
अवैध रूप से खैर के पेड़ काटे, चार लोग पकड़े गए
वन अधिकारी श्री सुनील कुंडू 30 सितम्बर 2017 को जब अपने क्षेत्र में गश्त में थे तो उन्होंने 20 पेड़ अवैध रूप से काटे हुए पाए तो उन्होंने इसकी शिकायत पिंजौर पुलिस को की। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने गांव आसरेवाली के रहने वाले चार लोगो को हिरासत में ले कर उन पर आईपीसी की धारा 379 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
घर के बाहर खड़ा मोटरसाइकिल चोरी
जलालाबाद से 29 सितंबर 2017 को सायं 7.30 बजे घर के बाहर खड़ा मोटरसाइकिल कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी करके ले गया। पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात व्यक्ति पर धारा 379 के अधीन पर्चा दर्ज कर लिया है।
ऊपर दिए गए समाचारों के अलावा अवैध रूप से खनन करने वाला माफिया, कंटेंट, डाटा चोरी के आरोप लगने पर भी आईपीसी की धारा 379 लगाई जाती है।
अगर आप किसी भी अपराध की प्रकृति और उससे संबंधित न्याय प्रक्रिया को समझना चाहते है तो उस अपराध से जुडी आईपीसी की धारा से संबंधित समाचार और न्यायालयों के निर्णय (JUDGEMENTS, SECTION 379 OF IPC)जरूर पढ़े।
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CBSE Schools - सीबीएसई स्कूल - Hindi

CBSE Schools - सीबीएसई स्कूल - Hindi

Central Board of Secondary Education (CBSE) या केन्‍द्रीय माध्‍यकि शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) एक स्वतंत्र संस्था है, जो भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (Ministry of Human Resource Development, Government of India) के अंतर्गत स्वतंत्र रूप से कार्य करता है। जहाँ वर्ष 1962 जब बोर्ड का पुनर्गठन किया गया तब बोर्ड के साथ मात्र 309 विद्यालयों की संबद्धता थी, वहीं अब देश विदेश के लगभग 20093 विद्यालयों की संबद्धता के साथ बोर्ड ने माध्यमिक शिक्षा के स्तर पर तीव्र प्रगति और विस्तार किया है, जिसके फलस्वरूप इसके संस्थानों में शिक्षा के स्तर एवं स्वरूप में प्रभावशाली सुधार आया है। बोर्ड के साथ 25 देशों में 211, कुल 1118 केन्द्रीय विद्यालय, 2734 सरकारी/ सहायता प्राप्त विद्यालय, 14860 स्वतंत्र विद्यालय, 590 जवाहर नवोदय विद्यालय एवं 14 केन्द्रीय तिब्बतन विद्यालय संबद्ध है।
सीबीएसई के मुख्य उद्देश्य:
शैक्षेणित संस्‍थाओं को संबद्ध करना और देश में शैक्षणिक स्‍तर को उठाने के लिए परीक्षाओं के लिए अध्ययन अनुदेशों को निर्धारित और उनका अद्यतन करना। ऐसे मानकों का विकास करना जिनसे शिक्षा की गुणवत्ता संबंधी मामलों और शैक्षणिक गतिविधियां के कार्यान्वायन किया जा सके। मनोवैज्ञानिक, शैक्षणिक और सामाजिक सिद्धान्तों के साथ अनुरूपता में शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए विधियों को अनुकूल बनाना और नवाचार लाना। शिक्षक एवं छात्र अनुकूल तरीके से छात्रों की प्रगति का लिखित प्रमाण देने के लिए विद्यालयों को प्रोत्‍साहित करना। राष्‍ट्रीय लक्ष्‍य के अनुरूप विद्यालय शिक्षा में गुणवत्‍ता ताल-चिन्ह प्राप्‍त करने के लिए योजनाएं सुझाना। शिक्षकों की व्‍यावसायिक सक्षमता अद्यतन करने के लिए विभिन्‍न क्षमता निर्माण तथा सशक्तिकरण कार्यक्रमों का अयोजन करना। दसवीं और बारहवीं कक्षा के अंत में सार्वजनिक परीक्षाएं आयोजित करना और परीक्षाओं के लिए शर्तें निर्धारित करना। सम्‍बद्ध विद्यालयों के सफल छात्रों को अर्हक प्रमाण पत्र प्रदान करना। ऐसे छात्रों की शैक्षिक अपेक्षाएं पूरी करना जिनके माता-पिता स्‍थानान्‍तरणीय नौकरी में हैं।

Schools - Delhi:

Mother's International
Hauz Khas
Gyan Bharati
Saket
Birla Vidya Niketan
Pushp Vihar
Apeejay School
Sheikh Sarai
Amity Inter. School
Saket
Laxman Public School
Hauz Khas
Cambridge School
Srinivaspuri
The Indian School
Sadiq Nagar
St. George's School
Alaknanda
Bluebells Inter. School
Kailash Colony
Delhi Public School
Mathura Road
Sanskriti School
Chanakyapuri
Bal Bharati Pub School
G R Hospital Marg
Springdales School
Pusa Road
Convent Of Jesus And Mary Bangla Sahib Modern School
Barakhamba Road
Sardar Patel Vidyalaya
Lodi Estate
Carmel Convent
Chanakyapuri
St. Thomas School
Mandir Marg
Salwan Public School
Rajendra Nagar
Bal Bharati Public School, Pitampura Montfort School
Ashok Vihar
Delhi Public School
Rohini
Apeejay School, Pitampura
Darbari Lal DAV Model School Pitampura Bal Bharati Public School Rohini Vikas Bharti Public School Rohini Kulachi Hansraj Model School Ashok Vihar
Ryan International School Rohini Sachdeva Public School Pitampura Springdales School Daula Kuan Delhi Public School Vasant Kunj
Vasant Valley School Vasant Kunj Delhi Public School R K Puram G D Goenka Public School Vasant Kunj Ryan International School Vasant Kunj
Mount St Mary's School Delhi Cantt Modern School Vasant Vihar Sadhu Vaswani International School For Girls Shanti Niketan Bloom Public School Vasant Kunj
Delhi Public School Dwarka Venkateshwar International School Dwarka Bal Bharati Public School Dwarka Hans Raj Model School Punjabi Bagh
St. Mark’s Senior Secondary School Meera Bagh Mount Carmel School Sec 22 Dwarka St. Francis De Sales School Janakpuri Bhatnagar International School A-1 Paschim Vihar
Holy Child School Tagore Garden Veda Vyasa DAV Public School Vikaspuri Ahlcon International School Mayur Vihar D. A. V. Public School Sreshtha Vihar
Amity International Mayur Vihar Ryan International Mayur Vihar Shaheed Rajpal D. A. V. Public School Dayanand Vihar Sneh International School Swasthya Vihar
Somerville School Vasundhara Enclave Salwan Public School Mayur Vihar St. Andrews Scots Sr. Sec School Patparganj Bharti Public School Mayur Vihar-3
Harcourt Butler School Mandir Marg Air Force Bal Bharati School Lodhi Road Lion’s Vidya Mandir Sec School Kashmir House Modern Cambridge School Dev Nagar
Faith Academy Prasad Nagar Mater Dei School Tilak Lane Naval Public School Chanakyapuri Somerville School Feroz Shah Road
Guru Harkishan Public School Karol Bagh La Montessori School Arya Samaj Road Venkateshwar Global School Rohini The Sovereign School Rohini
D. A. V. Public School Pushpanjali Mount Abu Public School Rohini The Heritage School Rohini Maharaja Agarsen Public School Ashok Vihar
Mata Jai Kaur Public School Ashok Vihar Rukmini Devi Public School Pitampura Gita Rattan Jindal Public School Rohini G D Goenka Public School Rohini
Tagore International School East Of Kaillash Apeejay School Saket Don Bosco School Alaknanda New Green Field School Kalkaji
Ambience Public School Safdarjung Enclave K. R. Mangalam World School GK-2 St. Paul's School Haus Khas St. Mary's School Safdarjung Enclave
Amity International Pushp Vihar Kalka Public School Kalkaji The Shri Ram School Vasant Vihar Bhatnagar International School Vasant Kunj
Tagore International School Vasant Vihar D. A. V. Public School Vasant Kunj Ramjas School R K Puram Army Public School (APS) Dhaula Kuan
Mount Carmel School Anand Niketan The Heritage School Vasant Kunj Chinmaya Vidyalaya Vasant Vihar Holy Child Auxilium Senior School Vasant Vihar
Sri Venkateshwar Int. School Dwarka OPG World School Sec 19B Dwarka Nirmal Bhartia School Dwarka Indraprastha Int. School Dwarka
St. Marks Girls Sr. Sec. School Meera Bagh Loreto Convent School Delhi Cantonment Air Force Sr. Sec. School Palam Maxfort School Dwarka
ITL Public School Dwarka New Era Public School Mayapuri Hillwoods Academy Preet Vihar National Victor Public School IP Extension
ASN Senior Secondary School Mayur Vihar Bal Bhavan Public School Laxmi Nagar Mother Global School Preet Vihar Bharat National Public School Karkardooma
D. A. V. Public School East Of Loni Road Arwachin Bharati Bhawan Sen. Sec. Sch Vivek Vihar Lovely Public. Sr.Sec School Nirman Vihar Siddharth International School East Of Loni Road

IPC 427 - News - आईपीसी की धारा 427 - समाचार - Hindi

IPC 427 - News - आईपीसी की धारा 427 - समाचार - Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 427 के अनुसार यदि कोई शरारत करता है और उससे अगर किसी का 50 रूपए या उससे अधिक का नुक्सान होता है तो शरारत करने वाले पर इस धारा के अंतर्गत मुकदमा दाखिल किया जा सकता है। क्योंकि यह अपराध असंज्ञेय है, इसलिए पुलिस इस मामले में बिना न्यायालय के वारंट के कार्यवाही नहीं कर सकती, जोकि CrPc Section 155 में उल्लेखित है। परन्तु यदि किसी अपराध में धारा 427 के साथ कोई और धारा, जो संज्ञेय अपराध से जुडी है तो वारंट की आवश्यकता नहीं होगी।
1860 के दशक में जब दंड संहिता को बनाया गया था, उस समय 50 रुपए का मूल्य बहुत अधिक होता था, उस समय आना-दो आना में काम चल जाया करता था परन्तु आज 50 रूपये के नुक्सान के लिए दंड मिलना भी एक सचाई है, और इसीलिए लगभग हर दुर्घटना के मामले में जिसमे कोई माल का नुक्सान होता है वहां आईपीसी की धारा 427 लगाई जाती है। इस धारा से संबंधित कुछ संक्षिप्त समाचार नीचे दिए गए है जिनको पढ़ने के बाद आप इस धारा की प्रकृति को भली प्रकार से समझ पाएंगे। ( अपराध और उस पर लगने वाली धारा को लाल रंग में दर्शाया गया है। )
धारा 427 से जुड़े समाचार:
आस्ट्रेलियाई टीम की बस पर पत्थर फेंकने को लेकर चार गिरफ्तार
10 अक्टूबर 2017, गुवाहाटी: असम पुलिस ने शाम को चार युवकों को, आस्ट्रेलिया की टी-20 टीम की बस पर पत्थर फेंकने और नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। असम के गोरचक पुलिस थाने के प्रमुख ने यह जानकारी दी। इस मामले में इन चारों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या की कोशिश), धारा 336 (जीवन को खतरे में लाने), धारा 427 (Mischief causing damage to the amount of fifty rupees) और 511 (अपराध करने का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जज के गार्डन की घास चरने पर बकरी गिरफ्तार
9 फ़रवरी, 2016: छत्तीसगढ़, के कोरिया जिले में एक बकरी कुछ दिनों से जज साहब के गार्डन में घुसकर घास, फूल और पत्तियों को चर जाया करती थी, जिससे वह नाराज थे। इस घटना को लेकर जज साहब के माली द्वारा पुलिस अधिकारियों से इसकी शिकायत करने पर पुलिस ने यह मामला आईपीसी की धारा 427 (शरारतपूर्ण 50 रुपए का या उससे अधिक का नुक्सान) और 447 (आपराधिक अतिचार के लिए दंड) के अंतर्गत दर्ज कर लिया। बकरी और बकरी के मालिक को हिरासत में ले लिया गया, बाद में बकरी को छोड़ दिया गया।
पुलिस चौकी में आग से जब्त सामान स्वाहा।
19 नवम्बर 2017, लुधियाना: रविवार की सुबह टिब्बा रोड, पुलिस चौकी में आग लगने से पाँच बोरी यार्न और 10 मोटरसाइकिलें जोकि जब्त की गई थी, भस्म हो गई । इस आग को बुझाने में फायर डिपार्टमेंट को दो घंटे लग गए। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।
इस घटना पर साजिश का संदेह करते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 427 (पचास रुपए की राशि को नुकसान पहुंचाने के लिए ) और 436 (आग या विस्फोटक पदार्थ से घर को नष्ट करने के इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है।
ऊपर दिए गए समाचारों के अलावा सड़क दुर्घटनाओं में इस धारा का अधिकतर प्रयोग होता है। इस तरह से समझा जा सकता है, कि आईपीसी की धारा 427 का प्रयोग हर उस घटना में होता है जिसमे नुक्सान 50 या अधिक रुपए का होता है। अधिकतर इस धारा के साथ-साथ अन्य धाराए भी जोड़ी जाती है।
अगर आप किसी भी अपराध की प्रकृति और उससे संबंधित न्याय प्रक्रिया को समझना चाहते है तो उस अपराध से जुडी आईपीसी की धारा से संबंधित समाचार और न्यायालयों के निर्णय (JUDGEMENTS SECTION 427 OR IPC)जरूर पढ़े।
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IPC 304A - News - आईपीसी की धारा 304क - समाचार - Hindi

IPC 304A - News - आईपीसी की धारा 304क - समाचार - Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 304क (304A) "उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना", को 1870 में अधिनियम संख्या 27 द्वारा प्रस्तावित किया गया, इसे धारा 304 के अंतर्गत रखा गया, जोकि गैर-इरादतन हत्या के अपराध को तथा उसके अंतर्गत मिलने वाले दंड को परिभाषित करती है। धारा 304क में उतावलेपन से (Rash) या उपेक्षापूर्ण (Negligent) कार्य से हुई किसी व्यक्ति की मृत्यु के लिए दंड का प्रवधान किया गया है।
इस धारा का प्रयोग प्रायः हर उस धटना या दुर्घटना के साथ होता है जहां पर किसी की लापरवाही या उतावलेपन से किसी व्यक्ति की जान की हानि होती है। धारा 304 क का प्रयोग, चाहे वह सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु हो या सड़क के गटर में गिरने से या सदर बाजार दिल्ली की आग में जलने वाले दादी पोता की मृत्यु हों या सूअर द्वारा बीस दिन के बच्चे पर हमला कर मारने की घटना हो या बिल्डर द्वारा लापरवाही बरतने से हुई मृत्यु हो या डॉक्टर द्वारा लापरवाही बरतने से, इस तरह के अधिकतर मामलों में आईपीसी की धारा 304क का प्रयोग होता है, यह बात अलग है कि मामले की मांग को देखते हुए धारा 304क के साथ दूसरी अन्य धाराएं जोड़ दी जाएं।
धारा 304A के अंतर्गत आने वाले अपराध गैर-समझौतावादी है, इसमें दो वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रवधान है और पुलिस को शिकायत मिलने पर पुलिस इसका संज्ञान ले सकती है, जमानती धारा होने के कारण इसमें तुरंत जमानत भी मिल जाती है।

इस धारा से जुड़े कुछ समाचार:

दिल्‍ली: मां की गोद से नवजात को झपट ले गया सुअर।

दिल्ली के भाटी माइन्स इलाके में एक बेहद दर्दनाक घटना हुई है। एक सूअर ने 20 दिन की बच्ची को मां की गोद से उस समय झपट लिया जब माँ बच्ची को दूध पिला रही थी। इस हमले में घायल बच्‍ची को अस्‍पताल ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। परिवार वालों की शिकायत पर दिल्‍ली पुलिस ने सुअर के मालिक के खिलाफ आईपीसी की धारा 289/304A के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अब सुअर मालिक की तलाश कर रही है।

मुंबई की बारिश में जान गंवाने वाले डॉक्टर की मौत के चार आरोपी गिरफ्तार

मुंबई में जनजीवन अस्त-व्यस्त करने वाली बारिश में जान गंवाने वाले डॉ अमरापुरकर की मौत के मामले में दादर पुलिस ने चार लोगों दिनार पवार, नीलेश कदम, राकेश कदम और सिद्धेश बेसलेकर को गिरफ्तार कर, उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 304A के तहत मकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक इन लोगों ने वह मैनहोल खोला था जिसमें गिरकर डॉ अमरापुरकर की जान गई थी। आरोपियों नीलेश, राकेश और सिद्धेश झुग्गी में रहते हैं जबकि पवार पास ही एक इमारत में रहता है।

Section 324 Of IPC Is Bailable Or Non-Bailable - आईपीसी की धारा 324 जमानती है या गैर-जमानती - Hindi

Section 324 Of IPC Is Bailable Or Non-Bailable - आईपीसी की धारा 324 जमानती है या गैर-जमानती - Hindi

भारतीय दंड संहिता के अध्याय 16 में धारा 324 को परिभाषित किया गया है, यदि कोई व्यक्ति बिना किसी उकसावे के (धारा 334 में उल्लेखित मामलों को छोड़ कर) खतरनाक हथियारों, अग्नि या अग्निस्त्र, छुरे, या अन्य किसी साधन जैसे एसिड, विस्फोटक पदार्थ, विष, जहरीली गैस, किसी जीव इत्यादि द्वारा यह जानते हुए कि यह किसी की मृत्यु का कारण हो सकती है, का प्रयोग कर किसी व्यक्ति को शारीरिक क्षति या हानि पहुँचता है तो वह धारा 324 में उल्लेखित अपराध करता है। अपराध के सिद्ध होने पर आरोपी को तीन वर्ष तक की अवधि के लिए कारावास या जुर्माना या दोनों के रूप में दंड भुगतना पड़ सकता है।

क्या आई पी सी की धारा 324 गैर-जमानती है या जमानती - Is Section 324 of IPC Bailable or Non-Bailable ?
भारतीय संसद द्वारा "CODE OF CRIMINAL PROCEDURE (AMENDMENT) ACT, 2005 संख्यां 25 को 23rd June, 2005. को अधिनियमित कर दण्ड संहितां की कई धाराओं में संशोधन किया गया जिसमे में दंड संहितां की धारा 324 को संशोधित करके गैर-जमानती धारा घोषित कर दिया गया। आपराधिक प्रक्रिया (संशोधन) अधिनियम, 2005 (2005 का नंबर 25) संहिता की धारा 42 उप-धारा (एफ) (iii) इस प्रकार से है:
(iii) section 324, for the word "Ditto", the word "Non-bailable" shall be substituted;
इस संशोधन के बाद 21 जून, 2006 को भारत के राजपत्र में एक अधिसूचना जारी की गई, जिसके अनुसार भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 324 गैर-जमानती अपराध नहीं है। इस अधिसूचना की जानकारी न होने के कारण, कुछ स्थानों पर, भारतीय दंड संहिता की धारा 324 के तहत अपराध के आरोपी को गैर-जमानती अपराध की धारा के अंतर्गत गिरफ्तार कर लिया जाता है, जबकि यह धारा अभी भी जमानती धारा है।
ध्यान दे : 21 जून, 2006 का भारत के राजपत्र में छपी अधिसूचना का अंश निचे दिया गया है।
MINISTRY OF HOME AFFAIRS
Notification
New Delhi, the 21st June, 2006
S. O. 923(E). In exercise of the powers conferred by sub-section (2) of section 1 of the Code of Criminal Procedure (Amendment) Act, 2005 (No. 25 of 2005), the Central Government hereby appoints the 23rd June, 2006, as the date on which the provisions of the said Act, except the provisions of Sections 16, 25, 28(a), 28(b), 38, 42(a), 42(b) 42(f) (iii) and (iv) and 44(a), shall come into force.
[F. No. 2/5/90-Judl Cell (Vol VIII)]
Dr. P. K. SETH, Jt. Secy.

इसके बाद 14 दिसम्बर 2012 MR.CHANDRA KANJAPPA KUCHCHIKURWE Vs STATE OF MAHARASHTRA & ANR मामले पर बॉम्बे हाई कोर्ट का निर्णय आया जिसमे "CODE OF CRIMINAL PROCEDURE (AMENDMENT) ACT, 2005 संख्यां 25 के सेक्शन 1 का सब-सेक्शन 2 को उद्धृत किया, जो निचे दिया गया है :
1. Short title and commencement.-(1) This Act may be called the Code of Criminal Procedure (Amendment) Act, 2005.

(2) Save as otherwise provided in this Act, it shall come into force on such date as the Central Government may, by notification in the Official Gazette, appoint.
2005 संख्यां 25 संशोधन के सेक्शन 1 का सब-सेक्शन 2 के अनुसार केंद्रीय सरकार द्वारा एक अधिसूचना निकलने के बाद इस संशोधन के लागु होने की बात कही गई थी, जोकि अभी तक जारी नहीं की गई है अतः धारा 324 अभी भी जमानती धारा है।
इस धारा के संदर्भ में नीचे बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्णय, भारत के राजपत्र, संशोधन एक्ट, 2005 संख्यां 25 को देखने के लिए लिंक दिए गए है जिन्हे आप क्लिक करके देख सकते है।

1. Code of Criminal Procedure (Amendment) Act, 2005 संख्यां 25
2. ORDER - IPC 324 - BAILABLE - MR.CHANDRA KANJAPPA KUCHCHIKURWE Vs....
3. भारत का राजपत्र


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IPC 341 - News - आईपीसी की धारा 341 - समाचार - Hindi

IPC 341 - News - आईपीसी की धारा 341 - समाचार - Hindi

भारतीय दंड संहिता के अध्याय 16 - मानव शरीर पर प्रभाव डालने वाले अपराधों को दर्शाता है। इसी अध्याय में धारा 339 में मानव पर गलत ढंग से अंकुश या अवरोध लगाने के अपराध को परिभाषित किया गया है और धारा 341 में इस अपराध के लिए दण्ड का प्रावधान किया गया है । भारत का संविधान और मौलिक अधिकार भारत में किसी भी व्यक्ति को स्वतंत्र रूप से रहने, खाने, घूमने की आजादी प्रधान करता है और इसीलिए यदि कोई व्यक्ति जो कहीं भी जाने का अधिकार रखता है को, कोई व्यक्ति स्वेच्छा से गलत ढंग से रोकता है तो वह भारतीय दंड संहिता के धारा 339 में परिभाषित अपराध का अनुमोदन करता है। परन्तु किसी भूमि या जल का वह हिस्सा जो किसी की व्यक्तिगत सम्पति है और उसके विधिपूर्ण अधिकार में है तो उस सम्पति पर या बने मार्ग पर बाधा डालने पर यह अपराध की परिभाषा में नहीं आएगा।
सदोष अवरोध के लिए मुख्य घटक :
1. किसी व्यक्ति के लिए स्वैच्छिक रुकावट खड़ी करना।
2. रुकावट उस दिशा के लिए उतपन्न की गई हो जिस दिशा में उस व्यक्ति को जाने का विधिवत अधिकार है।

जमानत के लिए CrPc 436 !
जमानत का पूरा हक - Supreme Court of India! Judgment

कब कब प्रयोग में आती है धारा 341 : आईपीसी की यह धारा अधिकतर आपराधिक मामलों में, दूसरी धाराओं के साथ में लगाई जाती है क्योंकि जब भी रास्ते में कोई अपराध होगा तो अपराधी पहले पीड़ित को अवरोधित करेगा तब अपराध करेगा। इस धारा का अधिकतर प्रयोग छेड़छाड़, मार-पीट, छिना-झपटी इत्यादि मामलों में होता है। इस अपराध की प्रकृति को समझने के लिए हम कुछ समाचारों पर नजर डालते है।

धारा 341 से जुड़े कुछ समाचार:
सड़क पर छेड़छाड़ का आरोप
नवभारत टाइम | Updated: Oct 24, 2017, 08:00AM IST
: पुलिस के मुताबिक, युवती परिवार के साथ निहाल विहार में रहती है। पिता प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। रविवार देर शाम वह घर से मार्केट सामान लेने आई थी। तभी रास्ते में पड़ोस में रहने वाले युवक ने उसका रास्ता रोककर हाथ पकड़ लिया। उसके बाद आरोप है कि छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपी ने युवती को मारने की धमकी दी। पुलिस ने बयान पर आईपीसी 323/341/354/506 के तहत केस दर्ज कर लिया है।

विकास बराला ने दायर की रिविजन पेटिशन
नवभारत टाइम | Updated: Oct 29, 2017, 06:30AM IST:

विकास बराला और उसके साथी की तरफ से चंडीगढ़ जिला अदालत में रिविजन पेटिशन दायर की है। दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 डी (पीछा करना), 341 (गलत तरीके से रोकना) और 365 व 511 (अपहरण का प्रयास) के तहत आरोप तय हुए थे।

बलात्कार मामला: तरुण तेजपाल के ख़िलाफ़ चार्जशीट
17 फ़रवरी 2014 13:30 IST : बीबीसी हिंदी

तरुण तेजपाल को 30 नवंबर 2013 को गिरफ़्तार किया गया था. उन पर आईपीसी की धारा 341 (ग़लत तरीक़े से नियंत्रण), धारा 342 (ग़लत तरीक़े से बंधक बनाना), धारा 354-ए (किसी महिला के साथ यौन दुर्व्यवहार और शीलभंग की कोशिश), धारा 376 (बलात्कार) लगाई गई है.
ऊपर दिखाएं गए समाचारों में धारा 341 का प्रयोग भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के साथ हुआ है।

PNR Status - पीएनआर स्थिति ?

PNR Status - पीएनआर स्थिति ?

पैसेंजर नेम रिकॉर्ड या पीएनआर संख्यां दस अंको की वह संख्यां है जो रेल टिकट पर अंकित होती है दरअसल पीएनआर संख्या का भारतीय रेल की आरक्षण प्रणाली में विशेष महत्व है। जब भी कोई रेल टिकट वितरित होता है तो उस टिकट के साथ एक दस अंकों का नम्बर भी उत्पन्न होता है और यहीं दस अंको की संख्यां उस टिकट की पहचान होती है अथार्त अब उस टिकट से संबंधित सभी प्रक्रियाएं जैसेकि आरक्षण, प्रतीक्षा सूचि का अप्डेशन या टिकट का रद्दीकरण इन दस अंको की संख्यां के आधार पर होता है।
यात्री द्वारा रेल टिकट के आवेदन करने पर आवश्यक नहीं है कि उसे आरंक्षित टिकट मिल ही जाए ऐसे में आरंक्षण प्रणाली यात्री के आवेदन पर उसे प्रतीक्षा सूचि संख्यां के साथ टिकट आवंटित करती है जिसे समय के साथ साथ भारतीय रेल के वेबसाइट पर देख कर या अन्य साधनों से पीएनआर संख्यां के माध्यम से सुनिश्चित करना होता है की यात्री की टिकट आरंक्षित हो गई है के नहीं। इसी तरह अगर टिकट को रद्द करना है तो भी पीएनआर संख्या के माध्यम से ही टिकट रद्द किया जा सकता है।
पीएनआर की स्थिति : यदि आपके टिकट की स्थिति प्रतीक्षा में है तो, आप पीएनआर की स्थिति भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट http://www.indianrail.gov.in पर उपलब्ध इनबॉक्स में पीएनआर प्रविष्ट कर अपनी टिकट की वर्तमान स्थिति के बारे में जान सकते है।

आप अपने मोबाईल फ़ोन से 139 डायल करके पीएनआर की स्थित को जान सकते है, इसके लिए 139 डायल करने के बाद आईवीआर यानी कम्प्यूटरीकृत आवाज द्वारा दिए गए निर्देशों को ध्यान से सुनकर उनका पालन करना है।

एसएमएस का उपयोग करते हुए वर्तमान आरक्षण स्थिति जाने।
जिन यात्रियों की इंटरनेट तक पहुंच नहीं है, उन यात्रियों के लिए रेलवे ने पीएनआर जांच के लिए एसएमएस सेवा शुरू की है जो बहुत उपयोगी है और इनके बारे में नीचे बताया गया है:

139 या 5676747 SMS service: आईआरसीटीसी (IRCTC) द्वारा 139 एसएमएस सेवा की शुरुआत की जिसका लाभ लेने के लिए यात्री को एसएमएस के माध्यम से मोबाइल पर पीएनआर स्थिति पाने के लिए, 139 या 5676747 पर निम्न संदेश भेजना होगा।
PNR आपका पीएनआर नंबर
उदाहरण के लिए: PNR 1098765432
यह सेवा: Airtel, Aircel, BSNL, IDEA, LOOP, MTNL, MTS, Reliance, TATA, Telenor और Vodafone के द्वारा उपलब्ध है।

इसके इलावा आप अपने टिकट की पीएनआर स्थिति पूछताछ केंद्र से भी प्राप्त कर सकते है।

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